{"_id":"5734c3a74f1c1b9b3791a688","slug":"15001-family-out-of-the-bpl-list","type":"story","status":"publish","title_hn":"15001 परिवार बीपीएल सूची से बाहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15001 परिवार बीपीएल सूची से बाहर
BEARU, AMAR UJALA, MAU
Updated Thu, 12 May 2016 11:25 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को बीपीएल सूची से नाम हटाए जाने पर विरोध प्रदर्शन करते खानपुर मौहरिया के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास खंड के 82 ग्राम पंचायतों की जारी बीपीएल सूची से हजारों गरीबों का नाम गायब है। इसके चलते बीपीएल सूची पर सवाल उठने लगे हैं। विकास खंड क्षेत्र के कुल 82 ग्रामसभाओं में वर्ष 2002 के बीपीएल सूची में कुल 19001 परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने की श्रेणी में पंजीकृत थे। जनगणना व बीपीएल सर्वे के अनुसार जारी की गई सूची में 4000 गरीब परिवार दर्शाए गए हैं। इसमें से नई सूची में 15001 परिवार गरीबी रेखा के पात्रता श्रेणी से बाहर हो गए हैं।
लंबी कवायद और सर्वे के बाद नई बीपीएल सूची जारी की गई है। लेकिन जनपद में जारी सूची से हजारों लोगों का नाम गायब है। सूची को आधार बनाकर दी जाने वाली सुविधाएं उनसे छिन जाएंगी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकार ने फतहपुर मंडाव ब्लाक में ऐसी कौन सी योजना चलाकर गरीबों का जीवन स्तर ऊंचा कर दिया कि 15000 से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ गए। इसे लेकर पात्र गरीब परिवारों को अभी से सरकारी सुबिधाओं से वंचित होने की चिंताएं सताने लगी हैं।
जारी सूची में अप्रत्याशित गरीबों की कमी के कारण यह सवालों के घेरे में आ गई है कि किस आधार पर गरीबों को दरकिनार कर नई सूची जारी की गई है। नई सूची जारी होने पर उन बीपीएल परिवारों को धक्का लगा है जो आस लगाएं बैठे थे कि सर्वे के बाद इनका नाम जुड़ जाएगा। क्षेत्र के केशवपुर सुल्तानीपुर 2002 के बीपीएल सूची के अनुसार 150 परिवार गरीब थे। जारी सूची में 13 परिवार हैं। वहीं, ग्रामसभा भटिया में 210 के जगह 55 लोकयां मे 176 के जगह 5 नाम ही सूची मेें शामिल हैं। यह स्थिति विकास खंड के सभी ग्राम पंचायतों की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लंबी कवायद और सर्वे के बाद नई बीपीएल सूची जारी की गई है। लेकिन जनपद में जारी सूची से हजारों लोगों का नाम गायब है। सूची को आधार बनाकर दी जाने वाली सुविधाएं उनसे छिन जाएंगी। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकार ने फतहपुर मंडाव ब्लाक में ऐसी कौन सी योजना चलाकर गरीबों का जीवन स्तर ऊंचा कर दिया कि 15000 से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ गए। इसे लेकर पात्र गरीब परिवारों को अभी से सरकारी सुबिधाओं से वंचित होने की चिंताएं सताने लगी हैं।
विज्ञापन
जारी सूची में अप्रत्याशित गरीबों की कमी के कारण यह सवालों के घेरे में आ गई है कि किस आधार पर गरीबों को दरकिनार कर नई सूची जारी की गई है। नई सूची जारी होने पर उन बीपीएल परिवारों को धक्का लगा है जो आस लगाएं बैठे थे कि सर्वे के बाद इनका नाम जुड़ जाएगा। क्षेत्र के केशवपुर सुल्तानीपुर 2002 के बीपीएल सूची के अनुसार 150 परिवार गरीब थे। जारी सूची में 13 परिवार हैं। वहीं, ग्रामसभा भटिया में 210 के जगह 55 लोकयां मे 176 के जगह 5 नाम ही सूची मेें शामिल हैं। यह स्थिति विकास खंड के सभी ग्राम पंचायतों की है।
विज्ञापन