फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   निजी विद्यालयों को कड़ी टक्कर दे रहा प्रावि गांगेवीर

निजी विद्यालयों को कड़ी टक्कर दे रहा प्रावि गांगेवीर

Fri, 26 Apr 2019 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2019 11:51 PM IST
विज्ञापन
निजी विद्यालयों को कड़ी टक्कर दे रहा प्रावि गांगेवीर
मधुबन। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षक पसीना बहा रहे हैं। यही नहीं कई विद्यालयों के शिक्षक बच्चे न मिलने का रोना रहे हैं। वहीं फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गांगेवीर बेहतर शिक्षण व्यवस्था से निजी विद्यालयों को कड़ी टक्कर दे रहा है। संपन्न तबके के अभिभावकों ने विद्यालय में अपने बच्चों को एडमिशन कराया है। बच्चों का नामांकन निर्धारित संख्या से अधिक हो गया है। शिक्षकों की कमी तथा संसाधन के अभाव में विद्यालय प्रशासन की तरफ से एडमिशन क्लोज का बोर्ड लगा दिया गया है। फतहपुर मंडाव ब्लाक में 141 प्राथमिक तथा 47 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षक पसीना बहा रहे हैं। कई विद्यालयों के शिक्षक तथा प्रधानाध्यापक गांव तथा आसपास से बच्चे न मिलने का रोना रोकर इतिश्री कर दे रहे हैं। वहीं फतहपुरमंडाव ब्लाक के गांगेवीर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बेहतरीन शिक्षण व्यवस्था होने से एडमिशन कराने के लिए अभिभावक बच्चों का एडमिशन कराने के लिए परेशान हैं। वर्ष 2019-20 शिक्षा सत्र के अप्रैल माह के पहले हफ्ते में ही छात्रसंख्या 310 तक पहुंच गई। जबकि गत वर्ष 2018-19 में छात्रसंख्या 272 रही। बेहतर शिक्षण व्यवस्था तथा छात्र संख्या अधिक रहने पर गत वर्ष विभाग की तरफ से प्रधानाध्यापक को सम्मानित भी किया गया था। विद्यालय में पांच शिक्षक की तैनाती की गई है। इंगलिस मीडियम स्कूूल के लिए एक शिक्षिका का चयन हो गया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक सिंह ने कड़ी मेहनत तथा शिक्षकों के आपसी तालमेल से विद्यालय के शैक्षिक माहौल में परिवर्तन किया है। विद्यालय के तीन कक्षा में एक-एक स्मार्ट टीवी लगाई गई है। बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक अशोक सिंह का कहना है कि विभाग की तरफ से शिक्षकों की संख्या में वृद्धि करने के साथ ही संसाधन उपलब्ध कराया जाए तो छात्र संख्या बढाई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed