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पुलिस ने कृष्णा चित्र मंदिर पर दिलाया कब्जा
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मऊ। सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने बुधवार को कृष्णा चित्र मंदिर में प्रतिवादिनी कुसुम खंडेलवाल का कब्जा हटवा कर उस पर वादी मुकदमा शिवनाथ खंडेवाल को कब्जा दिला दिया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
मामले के अनुसार, शिवनाथ खंडेलवाल ने कृष्णा चित्र मंदिर पर अपना हक जताते हुए सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया था। न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इधर आदेश की जानकारी होने के बाद कुसुम खंडेलवाल ने कृष्णा चित्र मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। इस पर वादी मुकदमा शिवनाथ खंडेलवाल की ओर से उनके अधिवक्ता अशोक कुमार उपाध्याय और दयाशंकर मिश्रा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पूर्व की स्थिति बहाल करने और कुसुम खंडेलवाल की ओर से किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 27 फरवरी 2018 को शिवनाथ खंडेलवाल का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए डीएम और एसपी को कुसुम खंडेलवाल का कब्जा हटाकर शिवनाथ खंडेलवाल को कब्जा दिलाने का निर्देश दिया। इस आदेश के विरुद्ध कुसुम खंडेलवाल की ओर से जिला जज के न्यायालय में निगरानी दाखिल की गई। एडीजे ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। उसके विरुद्ध कुसुम खंडेलवाल की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
इसके बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के ओदश के अनुुपालन में बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर कोतवाल पंकज कुमार सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे ओर कब्जा दिलाया। एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में यह कार्रवाई की गई।
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मामले के अनुसार, शिवनाथ खंडेलवाल ने कृष्णा चित्र मंदिर पर अपना हक जताते हुए सिविल जज सीनियर डिविजन के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया था। न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इधर आदेश की जानकारी होने के बाद कुसुम खंडेलवाल ने कृष्णा चित्र मंदिर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। इस पर वादी मुकदमा शिवनाथ खंडेलवाल की ओर से उनके अधिवक्ता अशोक कुमार उपाध्याय और दयाशंकर मिश्रा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पूर्व की स्थिति बहाल करने और कुसुम खंडेलवाल की ओर से किए गए अवैध कब्जे को हटाने की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 27 फरवरी 2018 को शिवनाथ खंडेलवाल का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए डीएम और एसपी को कुसुम खंडेलवाल का कब्जा हटाकर शिवनाथ खंडेलवाल को कब्जा दिलाने का निर्देश दिया। इस आदेश के विरुद्ध कुसुम खंडेलवाल की ओर से जिला जज के न्यायालय में निगरानी दाखिल की गई। एडीजे ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा। उसके विरुद्ध कुसुम खंडेलवाल की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
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इसके बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के ओदश के अनुुपालन में बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर कोतवाल पंकज कुमार सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे ओर कब्जा दिलाया। एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन के क्रम में यह कार्रवाई की गई।
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