{"_id":"5c3b815dbdec2273212c5de5","slug":"121547403613-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबार्ड की तरफ से दिया गया बिंदी बनाने का प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबार्ड की तरफ से दिया गया बिंदी बनाने का प्रशिक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढुआ गोदाम। नाबार्ड की तरफ से यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार योजना के तहत रविवार को रतनपुरा ब्लाक के चकरा गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान समूह की 70 महिलाओं को छह दिवसीय प्रशिक्षण देकर उन्हें बिंदी बनाना सिखाया गया।
संस्थान के निदेशक सुनील कुमार रंजन ने बताया कि यह यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान यूनियन बैंक द्वारा संचालित है, प्रदेश के हर जिले में इसकी एक शाखा होती है। इसके सहयोग से लोगों को 25 तरह के कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान द्वारा अब तक छह हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका परिणाम है कि आज 3 हजार 800 लाभार्थी खुद का उद्योग लगाकर स्वावलंबी हो चुके हैं। इसमें 1500 लाभार्थियों को यूनियन बैंक की तरफ से लोन देकर उद्योग के लिए सहयोग किया गया है। फैकेलटी इंचार्ज राम नवल प्रजापति ने बताया कि संस्थान द्वारा इस 31 मार्च 2019 तक 750 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमे अब तक 565 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी क्रम में संस्था और नाबार्ड के सहयोग से चकरा गांव में गोष्ठी का आयोजन कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिंदी प्रशिक्षण के लिए छह दिवसीय ट्रेनिंग के लिए चयन किया गया।
विज्ञापन
संस्थान के निदेशक सुनील कुमार रंजन ने बताया कि यह यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान यूनियन बैंक द्वारा संचालित है, प्रदेश के हर जिले में इसकी एक शाखा होती है। इसके सहयोग से लोगों को 25 तरह के कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान द्वारा अब तक छह हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका परिणाम है कि आज 3 हजार 800 लाभार्थी खुद का उद्योग लगाकर स्वावलंबी हो चुके हैं। इसमें 1500 लाभार्थियों को यूनियन बैंक की तरफ से लोन देकर उद्योग के लिए सहयोग किया गया है। फैकेलटी इंचार्ज राम नवल प्रजापति ने बताया कि संस्थान द्वारा इस 31 मार्च 2019 तक 750 लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमे अब तक 565 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसी क्रम में संस्था और नाबार्ड के सहयोग से चकरा गांव में गोष्ठी का आयोजन कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिंदी प्रशिक्षण के लिए छह दिवसीय ट्रेनिंग के लिए चयन किया गया।
विज्ञापन