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सांस के रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है कोहरा
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:12 PM IST
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मऊ। नवंबर माह के अंत आते ही ठंड बढ़ने लगी है। साथ ही धुंध ने भी अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है। इसके चलते धूल के कण भारी होकर नीचे ही रह जाने से सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। चिकित्सकों की मानें तो सांस के रोगियों के लिए ठंड में पड़ने वाला कोहरा जानलेवा साबित हो सकता है। मरीज बचाव के साथ ही चिकित्सक सलाह से इस समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते है।
ठंड के मौसम में सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। इसके अलावा सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों की मानें तो ठंड के मौसम में तापमान में कमी और कोहरे के कारण वातावरण में प्रदूषित तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे इस मौसम में सांस के मरीजों के लिए अनेक परेशानियां अस्थमा अटैक, फ्लू और सर्दी जुकाम से ग्रसित होने की संभावना बढ़ जाती है। कोहरे में धुएं और छोटे-छोटे प्रदूषित कणों के मौजूद होने से यह श्वसन तंत्र को काफी आहत करता है। इस कारण से लोगों की आंखों में जलन, आंसू, नाक में खुजली, गले में खराश और खांसी होना सामान्य तौर पर देखा गया है। सर्दी बढ़ने के साथ ही सांस की नली की संवेदनशीलता बढ़ जाती है, जिससे सांस की नली सिकुड़ती है और इस कारण सांस के रोगियों की परेशानी काफी बढ़ जाती है। इस बाबत जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृज कुमार का कहना है कि मौसम बदलाव से सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ठंड में सांस के मरीज कुछ सावधानियां अपना कर समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते है।
ऐसे करें बचाव-
हमेशा अपने साथ इनहेलर रखें और ठंड के मौसम में बाहर जाने से पहले दो से तीन बार इसका इस्तेमाल करें।
ठंड के दौरान घर के अंदर रखी हुई चीजों पर जमी धूल-मिट्टी को साफ कर दें।
रोगी के लिए तनाव खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में रोगी तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान का सहारा लेना चाहिए।
ठंड में सुबह के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।
टहलने के लिए धूप निकलने का इंतजार करें। विकल्प के तौर पर घर पर ही हल्की-फुल्की एक्सरसाइज की जा सकती है।
ठंड के मौसम में सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ रही है। इसके अलावा सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों की मानें तो ठंड के मौसम में तापमान में कमी और कोहरे के कारण वातावरण में प्रदूषित तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे इस मौसम में सांस के मरीजों के लिए अनेक परेशानियां अस्थमा अटैक, फ्लू और सर्दी जुकाम से ग्रसित होने की संभावना बढ़ जाती है। कोहरे में धुएं और छोटे-छोटे प्रदूषित कणों के मौजूद होने से यह श्वसन तंत्र को काफी आहत करता है। इस कारण से लोगों की आंखों में जलन, आंसू, नाक में खुजली, गले में खराश और खांसी होना सामान्य तौर पर देखा गया है। सर्दी बढ़ने के साथ ही सांस की नली की संवेदनशीलता बढ़ जाती है, जिससे सांस की नली सिकुड़ती है और इस कारण सांस के रोगियों की परेशानी काफी बढ़ जाती है। इस बाबत जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृज कुमार का कहना है कि मौसम बदलाव से सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ठंड में सांस के मरीज कुछ सावधानियां अपना कर समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते है।
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ऐसे करें बचाव-
हमेशा अपने साथ इनहेलर रखें और ठंड के मौसम में बाहर जाने से पहले दो से तीन बार इसका इस्तेमाल करें।
ठंड के दौरान घर के अंदर रखी हुई चीजों पर जमी धूल-मिट्टी को साफ कर दें।
रोगी के लिए तनाव खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में रोगी तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान का सहारा लेना चाहिए।
ठंड में सुबह के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए।
टहलने के लिए धूप निकलने का इंतजार करें। विकल्प के तौर पर घर पर ही हल्की-फुल्की एक्सरसाइज की जा सकती है।