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सैकड़ों एकड़ भूमि रह जाती है जलमग्न
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:23 PM IST
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मऊ। रतनपुरा ब्लाक के गाढ़ा और इटौरा तालों में प्रतिवर्ष सैकड़ों हेक्टेयर भूमि जलमग्न रह जाती है। इस भूमि पर कोई खेती नहीं हो पाती है। इन दोनों तालों से जलनिकासी की व्यवस्था किए जाने के मांग को लेकर शुक्रवार को ब्लाक के किसानों की ओर से खालिसपुर में आशापूर्णा देवी मंदिर परिसर में बैठक हुई। बैठक में किसान नेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि दोनों तालों में पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग किसानों की ओर से कई सालों से की जा रही है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से प्रति वर्ष सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान खेती नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि पिछले साल इन तालों में रोपी गए धान की फसल जब पक कर तैयार हो चुकी थी , उसी समय हुई बेमौसम बरसात से किसानों की पूरी फसल पानी में सड़ गई। जल निकासी न होने से किसान उस क्षेत्र में रबी की फसल गेहूं , सरसो, मसूर आदि की खेती नहीं कर पाए । जबकि अधिकांश किसानों के खेत जनवरी के मध्य तक जुताई के योग्य नहीं हो पाए ।
इससे विलंब से बुआई करने के चलते 16 गांवों के किसानों की लागत भी डूब गई। कहा कि पिछले साल शासन से अनुमति न मिलने से तालों की जलनिकासी के लिए मिले 6.70 लाख रुपये सिंचाई विभाग बलिया को वापस करने पड़े। कहा कि इस साल भी जिला प्रशासन ने खड़िया और गाढ़ा ड्रेन की खुदाई के लिए अनुमति नहीं दिया है। इसलिए अब खुदाई संभव भी नहीं है। बैठक में किसानों से सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब सरकारी मशीनरी के भरोसे काम नहीं चलने वाला है अब चंदा एकत्र करके आर श्रमदान करके खड़िया और गाढ़ा नाले की खुदाई और सफाई की जाएगी। छह सालों से इन नालों की खुदाई अथवा सफाई नहीं की गई है। किसानों ने इस कार्य के लिए सभी गांवों में कमेटिया बनाने का संकल्प लिया। बैठक में सुवाष चंद त्रिपाठी, फेेंकू राम, राजदेव सिंह, शेषनाथ सिंह, राम जनम सिंह, डा. जनार्दन सिंह, रवींद्र यादव , जगरनाथ यादव , राम अवध , ब्रह्मानंद तिवारी रामचीज राम, रवींद्र तिवारी , कामता राजभर ,लल्लन सिंह, गेना राजभर , अनंत तिवारी , खड़ग यादव , अरविंद , कुमार राम, मुरलीधर तिवारी राम मिलन राजभर, गनपति हरिकेश यादव आदि किसान मौजूद रहे।
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इससे विलंब से बुआई करने के चलते 16 गांवों के किसानों की लागत भी डूब गई। कहा कि पिछले साल शासन से अनुमति न मिलने से तालों की जलनिकासी के लिए मिले 6.70 लाख रुपये सिंचाई विभाग बलिया को वापस करने पड़े। कहा कि इस साल भी जिला प्रशासन ने खड़िया और गाढ़ा ड्रेन की खुदाई के लिए अनुमति नहीं दिया है। इसलिए अब खुदाई संभव भी नहीं है। बैठक में किसानों से सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब सरकारी मशीनरी के भरोसे काम नहीं चलने वाला है अब चंदा एकत्र करके आर श्रमदान करके खड़िया और गाढ़ा नाले की खुदाई और सफाई की जाएगी। छह सालों से इन नालों की खुदाई अथवा सफाई नहीं की गई है। किसानों ने इस कार्य के लिए सभी गांवों में कमेटिया बनाने का संकल्प लिया। बैठक में सुवाष चंद त्रिपाठी, फेेंकू राम, राजदेव सिंह, शेषनाथ सिंह, राम जनम सिंह, डा. जनार्दन सिंह, रवींद्र यादव , जगरनाथ यादव , राम अवध , ब्रह्मानंद तिवारी रामचीज राम, रवींद्र तिवारी , कामता राजभर ,लल्लन सिंह, गेना राजभर , अनंत तिवारी , खड़ग यादव , अरविंद , कुमार राम, मुरलीधर तिवारी राम मिलन राजभर, गनपति हरिकेश यादव आदि किसान मौजूद रहे।
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