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आंदोलन के बाद गिरने लगीं गिट्टियां
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:16 AM IST
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जिला पंचायत सदस्य सुभाषचंद्र यदुवंशी के आमरण अनशन की चेतावनी के बाद लोक निर्माण विभाग ने मधुबन घोसी मार्ग पर चौथी मील से मधुबन की तरफ सड़क के किनारे गिट्टी डालनी शुरू कर दी है। जिससे लोगों को गढ्ढा युक्त सड़क से मुक्ति मिलने की उम्मीद जग गई है। सुभाषचंद ने कहा कि सड़क निर्माण होने तक आंदोलन वापस नहीं होगा। उधर, लोगों ने सिपाह बाजार में एक किलोमीटर सड़क उच्चीकरण की मांग की है।
बता दें मधुबन वाया घोसी होते हुए जिला मुख्यालय मऊ को जाने वाली मुख्य सड़क काफी जर्जर हो चुकी थी। सड़क में गढ्ढो की वजह से आम आदमी का साइकिल से चलना मुश्किल था। बताया जाता है कि इस सड़क पर ठीकेदारों द्वारा मरम्मत के नाम पर धन उतार लिया जाता था लेकिन सड़क की गुणवत्ता में कोई सुधार नही होता था। यदुवंशी ने 25 जुलाई को सिपाह बाजार में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी देते हुए उप जिलाधिकारी निरंकार सिंह को पत्रक सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की थी। जिसके बाद प्रशासन और विभाग ने ठीकेदार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसका असर यह हुआ कि सड़क के किनारे जेसीबी से खोदकर सड़क चौड़ीकरण करने के लिए गिट्टी गिराना शुरू हो गया।
विभागीय सूत्रों की माने तो यह सड़क चिरैयाकोट से मोहम्मदाबाद गोहना होते हुए घोसी मधुबन तक बननी थी। जिसका पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था। इसी तरह नन्दौर से कटघरा शंकर, मधुबन से दोहरीघाट रोड पर बनियाबान से बहरामपुर तक सुग्गीचौरी से धर्मपुर तक सड़को पर आंदोलन की धमकी के बाद ही कार्य हुआ।
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बता दें मधुबन वाया घोसी होते हुए जिला मुख्यालय मऊ को जाने वाली मुख्य सड़क काफी जर्जर हो चुकी थी। सड़क में गढ्ढो की वजह से आम आदमी का साइकिल से चलना मुश्किल था। बताया जाता है कि इस सड़क पर ठीकेदारों द्वारा मरम्मत के नाम पर धन उतार लिया जाता था लेकिन सड़क की गुणवत्ता में कोई सुधार नही होता था। यदुवंशी ने 25 जुलाई को सिपाह बाजार में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी देते हुए उप जिलाधिकारी निरंकार सिंह को पत्रक सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की थी। जिसके बाद प्रशासन और विभाग ने ठीकेदार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसका असर यह हुआ कि सड़क के किनारे जेसीबी से खोदकर सड़क चौड़ीकरण करने के लिए गिट्टी गिराना शुरू हो गया।
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विभागीय सूत्रों की माने तो यह सड़क चिरैयाकोट से मोहम्मदाबाद गोहना होते हुए घोसी मधुबन तक बननी थी। जिसका पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था। इसी तरह नन्दौर से कटघरा शंकर, मधुबन से दोहरीघाट रोड पर बनियाबान से बहरामपुर तक सुग्गीचौरी से धर्मपुर तक सड़को पर आंदोलन की धमकी के बाद ही कार्य हुआ।
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