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ग्रामीणों नें तहसील मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:11 AM IST
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मऊ। मधुबन तहसील क्षेत्र के आदमपुर में कोटे की दुकान के लिए खुली बैठक कराने की फर्जी रिपोर्ट देने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।
गांव वालों का कहना था कि कोटेदार का चयन करने के मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों ने अपना दायित्व निष्पक्षता से नहीं निभाया और बिना बैठक किए ही फर्जी रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई । इससे नाराज गांव वालों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भ ी सौंपा।
गांव में कोटे की नई दुकान के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक कराने का निर्देश उपजिलाधिकारी ने दिया था। गांव वासियों का आरोप था कि जिम्मेदार कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने गांव सभा की खुली बैठक कराने और उसमें लिए गए निर्णय के मुताबिक नये कोटेदार के चयन संबंधी रिपोर्ट 19 मार्च 2018 को भेज दी। उधर गांव के लोग गांव सभा की खुली बैठक होने का इंतजार कर रहे थे। इस बात की जानकारी शुक्रकार को तहसील मुख्यालय आने पर हो गई। इसके बाद तो विनोद चौरसिया के नेतृत्व में काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष तहसील मुख्यालय पहुंच गए। लोगों ने19 मार्च को दर्शाई गई फर्जी बैठक में लिए लिए गए निर्णय और चयन की प्रकिया को निरस्त करने तथा वास्तव में मुनादी कराकर गांव सभा की खुली बैठक कराकर गांववासियों की उपस्थिति में कोटेदार का चयन कराने की मांग किया। आक्रोशित गांव वासियों ने इस आशय का मांगपत्र उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह को सौपा। एसडीएम ने गांववासियों को आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी। इस अवसर पर प्रदीप चौहान , सुलाब यादव , रामसरीख , रामसोच , आशा , बुधिया , प्रमिला बिमला नगेसरि , जगदीश , शम्भू सहित काफी महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे ।
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गांव वालों का कहना था कि कोटेदार का चयन करने के मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों ने अपना दायित्व निष्पक्षता से नहीं निभाया और बिना बैठक किए ही फर्जी रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई । इससे नाराज गांव वालों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भ ी सौंपा।
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गांव में कोटे की नई दुकान के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक कराने का निर्देश उपजिलाधिकारी ने दिया था। गांव वासियों का आरोप था कि जिम्मेदार कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने गांव सभा की खुली बैठक कराने और उसमें लिए गए निर्णय के मुताबिक नये कोटेदार के चयन संबंधी रिपोर्ट 19 मार्च 2018 को भेज दी। उधर गांव के लोग गांव सभा की खुली बैठक होने का इंतजार कर रहे थे। इस बात की जानकारी शुक्रकार को तहसील मुख्यालय आने पर हो गई। इसके बाद तो विनोद चौरसिया के नेतृत्व में काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष तहसील मुख्यालय पहुंच गए। लोगों ने19 मार्च को दर्शाई गई फर्जी बैठक में लिए लिए गए निर्णय और चयन की प्रकिया को निरस्त करने तथा वास्तव में मुनादी कराकर गांव सभा की खुली बैठक कराकर गांववासियों की उपस्थिति में कोटेदार का चयन कराने की मांग किया। आक्रोशित गांव वासियों ने इस आशय का मांगपत्र उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह को सौपा। एसडीएम ने गांववासियों को आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी। इस अवसर पर प्रदीप चौहान , सुलाब यादव , रामसरीख , रामसोच , आशा , बुधिया , प्रमिला बिमला नगेसरि , जगदीश , शम्भू सहित काफी महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे ।
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