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दलित के साथ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने में चार को तीन वर्ष की सजा
Updated Fri, 23 Mar 2018 12:08 AM IST
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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो वीरनायक सिंह ने दलित के साथ मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद चार आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन- तीन वर्ष की सजा के साथ ही कुल पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार नंदौर गांव निवासी वादी मुकदमा घूरा को गोबर रखने की बात को लेकर तीन अप्रैल 1999 को मारपीटकर गंभीर चोटे पहुंचाई गई। तथा छप्पर को भी आरोपियों ने उजाड़ दिया। वादी की तहरीर पर गांव के ही शिवचंद चौहान, सुमेश चौहान, शोभा चौहान और रामसोच को नामजद किया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी छेदीलाल गुप्ता ने वादी सहित कुल छह गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण शिवचंद, सुमेश, शोभा और रामसोच को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद मारपीट के मामले में छह माह की सजा, गंभीर चोटें पहुंचाने में तीन वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपया अर्थदंड तथा एससी एसटी एक्ट में तीन वर्ष की सजा के साथ- साथ ही तीन-तीन हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामले के अनुसार नंदौर गांव निवासी वादी मुकदमा घूरा को गोबर रखने की बात को लेकर तीन अप्रैल 1999 को मारपीटकर गंभीर चोटे पहुंचाई गई। तथा छप्पर को भी आरोपियों ने उजाड़ दिया। वादी की तहरीर पर गांव के ही शिवचंद चौहान, सुमेश चौहान, शोभा चौहान और रामसोच को नामजद किया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए अभियोजन अधिकारी छेदीलाल गुप्ता ने वादी सहित कुल छह गवाहों को पेशकर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण शिवचंद, सुमेश, शोभा और रामसोच को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद मारपीट के मामले में छह माह की सजा, गंभीर चोटें पहुंचाने में तीन वर्ष की सजा के साथ ही दो-दो हजार रुपया अर्थदंड तथा एससी एसटी एक्ट में तीन वर्ष की सजा के साथ- साथ ही तीन-तीन हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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