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बदहाल पड़ा है राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय

Sat, 02 Sep 2017 11:52 PM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:52 PM IST
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बदहाल पड़ा है राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय
मझवारा। घोसी विकास खंड क्षेत्र के मझवारा बाजार स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बदहाल पड़ा है। यहां बिजली, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है। भवन जर्जर हाल में है। चिकित्सक तथा कर्मचारी दहशत में रहते हैं। मरीजों को शुद्ध पानी के लिए इधर उधर चक्कर लगाना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया बावजूद मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका है।
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घोसी विकास खंड क्षेत्र के मझवारा बाजार में जब राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना कराई गई तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की आस जगी, लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं का अकाल है। भवन जर्जर हाल में है। चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी हमेशा दहशत में जी रहे हैं। अंदर बैठने से कतराते हैं। हमेशा अनहोनी की चिंता सताती रहती है। अस्पताल परिसर में शुद्ध पानी की व्यवस्था तक नहीं है। परिसर में हैंडपंप तो लगा है, लेकिन प्रदूषित पानी उगल रहा है। मरीजों को शुद्ध पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। अस्पताल में ओवरहेड टैंक तो बना है, लेकिन शोपीस बनकर रह गया है। अस्पताल में मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का टोंटा रहता है। जरूरी दवाओं का अकाल रहता है। इस बाबत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. गिरजा प्रसाद पांडेय का कहना है कि सीमित संसाधन से मरीजों का बेहतर इलाज कराने का प्रयास जारी है। अस्पताल भवन का निर्माण तथा सुविधाएं बहाल करने के मामले मेें विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
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