{"_id":"58cc2abd4f1c1b295a32acbf","slug":"yusuf-pathan-reaches-churmura","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाइल्डलाइफ एसओएस पहुंचे युसुफ पठान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाइल्डलाइफ एसओएस पहुंचे युसुफ पठान
अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
यूसुफ पठान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय क्रिकेट स्टार यूसुफ पठान शुक्रवार शाम को फरह के चुरमुरा में हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र पहुंचे। यहां परिवार के साथ पठान ने हाथी संरक्षण की जानकारी की। इस दौरान पठान ने कहा कि जल्द जागरूकता न आई तो लुप्त प्राय जानवर सिर्फ किताबों में नजर आएंगे ।
युसुफ पठान ने हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र पर चींच, बिजली और लक्ष्मी हाथियों के इतिहास के बारे में पूछा। पशुकर्मियों और पशु चिकित्सकों से जानवरों की देखभाल के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में भी जाना।
हाथी के देखभाल केंद्र में अपने अनुभव को बताते हुए यूसुफ ने कहा कि भारत में हाथी जैसे प्रजातियों को विशेष रूप से संरक्षण की आवश्यकता है क्योंकि भारत लुप्तप्राय एशियाई हाथियों का अंतिम गढ़ है।
विज्ञापन
इस दौरान मौजूद वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि युसुफ पठान ने वाइल्डलाइफ एसओएस को करीब आठ साल पहले देखा था। आज वह वन्यजीव संरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करने के लिए वापस आए हैं।
विज्ञापन
युसुफ पठान ने हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र पर चींच, बिजली और लक्ष्मी हाथियों के इतिहास के बारे में पूछा। पशुकर्मियों और पशु चिकित्सकों से जानवरों की देखभाल के लिए किए जाने वाले प्रयासों के बारे में भी जाना।
विज्ञापन
हाथी के देखभाल केंद्र में अपने अनुभव को बताते हुए यूसुफ ने कहा कि भारत में हाथी जैसे प्रजातियों को विशेष रूप से संरक्षण की आवश्यकता है क्योंकि भारत लुप्तप्राय एशियाई हाथियों का अंतिम गढ़ है।
विज्ञापन
इस दौरान मौजूद वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि युसुफ पठान ने वाइल्डलाइफ एसओएस को करीब आठ साल पहले देखा था। आज वह वन्यजीव संरक्षण को आगे बढ़ाने के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करने के लिए वापस आए हैं।