{"_id":"688bab85dac2f7eee508ddc4","slug":"yamuna-water-will-gurgle-on-the-dry-ghats-of-vrindavan-mathura-news-c-369-1-mt11010-133590-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: वृंदावन के सूखे घाटों पर होगी यमुना जल की कलकल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: वृंदावन के सूखे घाटों पर होगी यमुना जल की कलकल
विज्ञापन
वृंदावन। ब्रज की विरासत को संवारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार नई योजनाओं को लेकर आ रही है। जहां एक ओर कॉरिडोर को लेकर कवायद चल रही है तो वहीं यमुना के घाटों को संवारने का भी कार्य किया जा रहा है। कई पुराने घाटों तक यमुना के जल को कलकल कराने का प्रयास किया जा रहा है। कालीदह से लेकर केसी घाट तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे यमुना घाटों का भव्य पुनरुद्धार किया जाएगा।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इस परियोजना के प्रथम चरण में युगल किशोर घाट से केसी घाट तक 713 मीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाएगा जिस पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस चरण के तहत पुराने घाटों की मरम्मत, उनकी छतरियों का संरक्षण और आसपास के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। परिक्रमा मार्ग पर स्थित चीर घाट सहित कई अन्य घाट, जो वर्तमान में मिट्टी और रेत में दबे हुए हैं, उन्हें भी पुनर्जीवित किया जाएगा। घाटों को राम की पैड़ी की तर्ज पर विकसित किए जाने की योजना है। यहां फसाड लाइटिंग और फुट लाइटिंग से उन्हें रात्रि में भी आकर्षक बनाया जाएगा।
इन घाटों में से कई घाटों से यमुना नदी वर्तमान में काफी दूर बह रही है, इसलिए योजना के तहत चैनलिंग सिस्टम के माध्यम से यमुना जल को रैनी वेल में एकत्र किया जाएगा। वहां से उसे फिल्टर कर जलाशयों में भरने के बाद घाट की सीढ़ियों तक लाया जाएगा। इस तकनीकी उपाय से घाटों पर हमेशा जल की उपस्थिति बनी रहेगी। इन घाटों के निकट ही यमुना पर एक भव्य सिग्नेचर ब्रिज भी प्रस्तावित है, जो न केवल शहर का एक नया आकर्षण होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए यमुना दर्शन और आवागमन को भी सरल बनाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इस परियोजना के प्रथम चरण में युगल किशोर घाट से केसी घाट तक 713 मीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाएगा जिस पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस चरण के तहत पुराने घाटों की मरम्मत, उनकी छतरियों का संरक्षण और आसपास के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। परिक्रमा मार्ग पर स्थित चीर घाट सहित कई अन्य घाट, जो वर्तमान में मिट्टी और रेत में दबे हुए हैं, उन्हें भी पुनर्जीवित किया जाएगा। घाटों को राम की पैड़ी की तर्ज पर विकसित किए जाने की योजना है। यहां फसाड लाइटिंग और फुट लाइटिंग से उन्हें रात्रि में भी आकर्षक बनाया जाएगा।
विज्ञापन
इन घाटों में से कई घाटों से यमुना नदी वर्तमान में काफी दूर बह रही है, इसलिए योजना के तहत चैनलिंग सिस्टम के माध्यम से यमुना जल को रैनी वेल में एकत्र किया जाएगा। वहां से उसे फिल्टर कर जलाशयों में भरने के बाद घाट की सीढ़ियों तक लाया जाएगा। इस तकनीकी उपाय से घाटों पर हमेशा जल की उपस्थिति बनी रहेगी। इन घाटों के निकट ही यमुना पर एक भव्य सिग्नेचर ब्रिज भी प्रस्तावित है, जो न केवल शहर का एक नया आकर्षण होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए यमुना दर्शन और आवागमन को भी सरल बनाएगा।
विज्ञापन