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यमुना की निर्मलता को शीघ्र ठोस कदम उठाएं
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मथुरा। यमुना मुक्तिकरण अभियान का प्रतिनिधिमंडल प्रमुख संरक्षक गीता मनीषि ज्ञानानंद महाराज और संरक्षक गोकुल के पंकज बाबा महाराज ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने ब्रजवासियों की पीड़ा व धार्मिक नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के साथ हो रहे खिलवाड़ से मंत्री को अवगत कराया।
इस दौरान उन्होंने यमुना की निर्मलता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस पर मंत्री ने जल प्रवाह के लिए शीघ्र ही अधिसूचना लाने का आश्वासन दिया है।
यमुना मुक्तिकरण के राष्ट्रीय सलाहकार राधा प्रिय व तकनीकी सलाहकार रवि मोंगा ने मंत्री को कोर्ट के निर्देशों व स्थितियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि बिना किसी कठोर निर्णय के व दिल्ली में प्रस्तावित समानांतर नाले के निर्माण के बिना यमुना शुद्ध नहीं होगी। संयोजक राधाकांत शास्त्री व सह संयोजक ब्रजदास ने भी अपने पक्ष को जनहित में बताते हुए मांग की है कि एक निश्चित समय सीमा तय कर यमुना को निर्मल व अविरल करने के लिये अविलंब ठोस कदम उठाने अत्यंत आवश्यक हो गया है।
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मंत्री ने कहा कि बिना अविरलता के निर्मलता संभव नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता है कि जल प्रवाह के लिए हम नोटिफिकेशन भी लाएंगे तथा समानांतर नाले के निर्माण पर भी आईआईटी व अन्य विशेषज्ञों की टीम के साथ विचार विमर्श कर शीघ्र कोई रणनीति तैयार करेंगे। अब समय आ गया है और यह कार्य अवश्य पूरा किया जाएगा।
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इस दौरान उन्होंने यमुना की निर्मलता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस पर मंत्री ने जल प्रवाह के लिए शीघ्र ही अधिसूचना लाने का आश्वासन दिया है।
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यमुना मुक्तिकरण के राष्ट्रीय सलाहकार राधा प्रिय व तकनीकी सलाहकार रवि मोंगा ने मंत्री को कोर्ट के निर्देशों व स्थितियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि बिना किसी कठोर निर्णय के व दिल्ली में प्रस्तावित समानांतर नाले के निर्माण के बिना यमुना शुद्ध नहीं होगी। संयोजक राधाकांत शास्त्री व सह संयोजक ब्रजदास ने भी अपने पक्ष को जनहित में बताते हुए मांग की है कि एक निश्चित समय सीमा तय कर यमुना को निर्मल व अविरल करने के लिये अविलंब ठोस कदम उठाने अत्यंत आवश्यक हो गया है।
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मंत्री ने कहा कि बिना अविरलता के निर्मलता संभव नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता है कि जल प्रवाह के लिए हम नोटिफिकेशन भी लाएंगे तथा समानांतर नाले के निर्माण पर भी आईआईटी व अन्य विशेषज्ञों की टीम के साथ विचार विमर्श कर शीघ्र कोई रणनीति तैयार करेंगे। अब समय आ गया है और यह कार्य अवश्य पूरा किया जाएगा।