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...जो देखा उससे बुरा नहीं हो सकता
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 23 Jan 2016 11:12 PM IST
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15 माह बाद हुई यमुना कार्य योजना की बैठक में नोडल अधिकारी ने यमुना के वर्तमान हाल पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। एक दिन पहले देखे यमुना के हाल पर उन्होंने कहा कि जो देखा इससे और बुरा नहीं हो सकता है।
उन्होंने मथुरा और वृंदावन नगर पालिकाओं को 24 घंटे पंप चलाने के निर्देश दिए और प्रतिबंधित क्षेत्र में पशुकटान पर भी संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
शनिवार को यमुना कार्य योजना क्रियान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नोडल अधिकारी महेंद्र प्रकाश ने कहा कि वाकई यमुना का बुरा हाल है, शुक्रवार को यमुना के निरीक्षण में जो देखा उससे और कुछ बुरा नहीं हो सकता है।
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नाले यमुना में गिर रहे हैं, पंप चल नहीं रहे हैं। वृंदावन में भी यही स्थित बताई गई है। ये हो क्या रहा है? दोनों पालिकाएं सुनिश्चित करें कि पंप 24 घंटे चलें। इनसे जुडे़ नालों की सफाई हो।
औद्योगिक प्रदूषण के लिए उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को आडे़ हाथ लेते हुए कहा कि औद्योगिक इकाइयों की जांच का काम चाहे कम हो, लेकिन ईमानदारी के साथ करें। बाइब्रेटर एसोसिएशन के हरीश गर्ग के तर्क को खारिज करते हुए उन्होंने शहर से उद्योगों को बाहर स्थापित करने के निर्देश दिए।
याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी की शिकायत के बाद नोडल अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी से पूछा कि शहर में बगैर लाइसेंस मीट की दुकानें कैसे चल रही हैं? कोतवाली इंस्पेक्टर से पूछा हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में भी पशुकटान बंद नहीं है क्यों?
उन्होंने रिवर पुलिस की कार्य रिपोर्ट मांगी है। विद्युत शवदाहगृह के लिए भी एमवीडीए से रिपोर्ट देने को कहा है। मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए डिप्टी सीएमओ को आडे़ हाथ लिया। साथ ही पालिका को दो स्टीमर खरीदने के निर्देश दिए।
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उन्होंने मथुरा और वृंदावन नगर पालिकाओं को 24 घंटे पंप चलाने के निर्देश दिए और प्रतिबंधित क्षेत्र में पशुकटान पर भी संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
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शनिवार को यमुना कार्य योजना क्रियान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नोडल अधिकारी महेंद्र प्रकाश ने कहा कि वाकई यमुना का बुरा हाल है, शुक्रवार को यमुना के निरीक्षण में जो देखा उससे और कुछ बुरा नहीं हो सकता है।
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नाले यमुना में गिर रहे हैं, पंप चल नहीं रहे हैं। वृंदावन में भी यही स्थित बताई गई है। ये हो क्या रहा है? दोनों पालिकाएं सुनिश्चित करें कि पंप 24 घंटे चलें। इनसे जुडे़ नालों की सफाई हो।
औद्योगिक प्रदूषण के लिए उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को आडे़ हाथ लेते हुए कहा कि औद्योगिक इकाइयों की जांच का काम चाहे कम हो, लेकिन ईमानदारी के साथ करें। बाइब्रेटर एसोसिएशन के हरीश गर्ग के तर्क को खारिज करते हुए उन्होंने शहर से उद्योगों को बाहर स्थापित करने के निर्देश दिए।
याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी की शिकायत के बाद नोडल अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी से पूछा कि शहर में बगैर लाइसेंस मीट की दुकानें कैसे चल रही हैं? कोतवाली इंस्पेक्टर से पूछा हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में भी पशुकटान बंद नहीं है क्यों?
उन्होंने रिवर पुलिस की कार्य रिपोर्ट मांगी है। विद्युत शवदाहगृह के लिए भी एमवीडीए से रिपोर्ट देने को कहा है। मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए डिप्टी सीएमओ को आडे़ हाथ लिया। साथ ही पालिका को दो स्टीमर खरीदने के निर्देश दिए।