{"_id":"6293a478ab1725372e566c17","slug":"wrestler-babita-phogat-gave-a-mace-to-google-guru-mathura-news-mtr5184340175","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहलवान बबिता फोगाट ने गूगल गुरु को दी गदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहलवान बबिता फोगाट ने गूगल गुरु को दी गदा
विज्ञापन
वृंदावन (मथुरा)। गौरानगर निवासी नन्हे पांच वर्षीय गुरु उपाध्याय (गूगल गुरु) ने विश्व चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीतने वाली पहलवान बबीता फोगाट से हरियाणा स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान बबीता ने गुरु को गदा देकर सम्मानित किया। साथ ही उनके कई सवालों का गुरु ने बिना रुके जवाब दिया। जिसे सुनकर वह अचंभित रह गईं।
विदित है कि गूगल गुरु की इन क्षमताओं को देखते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने गुरु उपाध्याय को भोपाल में पांच देशों के बीच अमेजिंग मेमोरी किड के खिताब से सम्मानित किया था। ढाई वर्ष की उम्र में गुरु उपाध्याय को उन 100 रिकॉर्ड होल्डरों के साथ सम्मान पाने का मौका मिला, जिनका चयन 13 हजार से अधिक रिकॉर्ड धारकों में से किया गया था।
पिता अरविंद उपाध्याय का कहना है कि गुरु हर बात को गंभीरता से सुनते हैं, फिर जवाब देते हैं। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं समझ में आती हैं। गुरु ने दिसंबर 2018 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। उन्हें विभिन्न देशों के झंडे, राजधानियां, नक्शे पर राज्य व देश के अलावा विभिन्न परीक्षा संबंधी सवालों का बखूबी जवाब देकर अपनी पहचान बनाई थी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विदित है कि गूगल गुरु की इन क्षमताओं को देखते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने गुरु उपाध्याय को भोपाल में पांच देशों के बीच अमेजिंग मेमोरी किड के खिताब से सम्मानित किया था। ढाई वर्ष की उम्र में गुरु उपाध्याय को उन 100 रिकॉर्ड होल्डरों के साथ सम्मान पाने का मौका मिला, जिनका चयन 13 हजार से अधिक रिकॉर्ड धारकों में से किया गया था।
विज्ञापन
पिता अरविंद उपाध्याय का कहना है कि गुरु हर बात को गंभीरता से सुनते हैं, फिर जवाब देते हैं। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं समझ में आती हैं। गुरु ने दिसंबर 2018 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। उन्हें विभिन्न देशों के झंडे, राजधानियां, नक्शे पर राज्य व देश के अलावा विभिन्न परीक्षा संबंधी सवालों का बखूबी जवाब देकर अपनी पहचान बनाई थी। संवाद
विज्ञापन