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जन्मस्थान, पोतरा कुंड दिखेंगे प्राचीन स्वरूप में
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 22 Jan 2016 11:15 PM IST
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हेरिटेज सिटी योजना के अंतर्गत श्रीकृष्ण जन्मस्थान और पोतराकुंड को प्राचीन मोहक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। इसमें रेलवे फाटक के निकट एंट्री प्वाइंट पर जन्मस्थान के लिए मुख्य द्वार बनाने का प्रस्ताव है। जन्मस्थान के लिए जाने वाले रास्तों पर वाहनों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव किया गया है।
पोतराकुंड में लाइट एंड साउंड सिस्टम रात में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा। विश्रामघाट और डीगगेट को भी अलग लुक दिया जाएगा।
शुक्रवार को अहमदाबाद की कंपनी डीपीसी ने हेरिटेज सिटी के तहत बनने जा रही डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का प्रेजेंटेेशन दिया। इसमें सिटी मिशन के समक्ष कंपनी प्रतिनिधि प्रियंका दबे ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार के लिए जाने वाले रास्ते को वाहनों के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित करने की राय दी।
इसे हरित पैदल पथ के रूप में बदलने की प्लानिंग बताई। उन्होंने रेलवे फाटक के निकट एंट्री प्वाइंट पर मुख्य द्वार प्रस्तावित किया।
जन्मस्थान के निकट पोतराकुंड को पर्यटकों के लिए मनोरंजन का केंद्र बनाने की तैयारी की गई है। इसमें यहां रात के लिए लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। पर्यटक और श्रद्धालुओं को बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा इस संपूर्ण क्षेत्र में पार्किंग, शौचालय, पेयजल सुविधाओं का विकास होगा।
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सड़क और रैलिंग का भी डिजाइन बनाया गया है। कंपनी ने प्रेजेंटेशन में विश्रामघाट और डीगगेट चौराहा को भी आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए डिजाइन दिखाया गया। खासकर यहां के भवनों को एक रंग में रंगने का विचार है। इस मौके पर हेरिटेज सिटी मिशन के नोडल अफसर मनीष कुमार वर्मा, डिजाइनर मयंक गर्ग, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के इंजीनियर मौजूद रहे।
प्रो पूअर पर्यटन योजना में वृंदावन शामिल
वृंदावन। विश्व बैंक की सहायता से संचालित प्रो पूअर पर्यटन योजना में प्रदेश के 6 शहरों को सहयोग मिलेगा। इन शहरों में वृंदावन भी शामिल है। योजना के तहत विकास कार्यों के संबंध में विश्व बैंक की टीम ने शुक्रवार को बांकेबिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
टीम के इंचार्ज पार्थ घोष ने बताया कि विश्व बैंक प्रदेश सरकार को धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 300 मिलियन डालर इस योजना के तहत देगी। उन्होंने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास और सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा।
इसमें बांकेबिहारी मंदिर आने वाले पैदल यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस संबंध में डीपीआर तैयार कर ली गई है। जिस पर दिसंबर 2016 से कार्य शुरू हो जाएगा।
पार्थ घोष ने बताया कि विकास कार्यों में ध्यान रखा जाएगा कि वृंदावन के पर्यावरण को नुकसान न हो। वृंदावन में नई पार्किंग बनाई जाएगी और बड़े वाहनों को बांके बिहारी मंदिर से ज्यादा दूरी पर न रोका जाए, इस संबंध में भी ध्यान दिया जाएगा। इससे पहले विश्व बैंक की टीम ने बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन किए। इस अवसर पर पर्यावरणविद प्रदीप दगलानी, विस्कान यूनी, पवन गौतम, खजान सिंह आदि उपस्थित रहे।
वन चेतना केंद्र पर
मथुरा-वृंदावन रोड पर स्थित वन चेतना केंद्र को विश्व बैंक की ओर से कृष्णा थीम पार्क का रूप देने की भी योजना है। इसके साथ ही वहां श्रद्धालुओं के बैठने और आराम करने के लिए काटेज भी बनाए जाएंगे। मथुरा जिला हास्पिटल के बराबर में ब्रज हॉट का भी निर्माण किया जाएगा।
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पोतराकुंड में लाइट एंड साउंड सिस्टम रात में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा। विश्रामघाट और डीगगेट को भी अलग लुक दिया जाएगा।
शुक्रवार को अहमदाबाद की कंपनी डीपीसी ने हेरिटेज सिटी के तहत बनने जा रही डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का प्रेजेंटेेशन दिया। इसमें सिटी मिशन के समक्ष कंपनी प्रतिनिधि प्रियंका दबे ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्य द्वार के लिए जाने वाले रास्ते को वाहनों के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित करने की राय दी।
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इसे हरित पैदल पथ के रूप में बदलने की प्लानिंग बताई। उन्होंने रेलवे फाटक के निकट एंट्री प्वाइंट पर मुख्य द्वार प्रस्तावित किया।
जन्मस्थान के निकट पोतराकुंड को पर्यटकों के लिए मनोरंजन का केंद्र बनाने की तैयारी की गई है। इसमें यहां रात के लिए लाइट एंड साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। पर्यटक और श्रद्धालुओं को बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा इस संपूर्ण क्षेत्र में पार्किंग, शौचालय, पेयजल सुविधाओं का विकास होगा।
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सड़क और रैलिंग का भी डिजाइन बनाया गया है। कंपनी ने प्रेजेंटेशन में विश्रामघाट और डीगगेट चौराहा को भी आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए डिजाइन दिखाया गया। खासकर यहां के भवनों को एक रंग में रंगने का विचार है। इस मौके पर हेरिटेज सिटी मिशन के नोडल अफसर मनीष कुमार वर्मा, डिजाइनर मयंक गर्ग, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के इंजीनियर मौजूद रहे।
प्रो पूअर पर्यटन योजना में वृंदावन शामिल
वृंदावन। विश्व बैंक की सहायता से संचालित प्रो पूअर पर्यटन योजना में प्रदेश के 6 शहरों को सहयोग मिलेगा। इन शहरों में वृंदावन भी शामिल है। योजना के तहत विकास कार्यों के संबंध में विश्व बैंक की टीम ने शुक्रवार को बांकेबिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।
टीम के इंचार्ज पार्थ घोष ने बताया कि विश्व बैंक प्रदेश सरकार को धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 300 मिलियन डालर इस योजना के तहत देगी। उन्होंने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर के आसपास के क्षेत्र का विकास और सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा।
इसमें बांकेबिहारी मंदिर आने वाले पैदल यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस संबंध में डीपीआर तैयार कर ली गई है। जिस पर दिसंबर 2016 से कार्य शुरू हो जाएगा।
पार्थ घोष ने बताया कि विकास कार्यों में ध्यान रखा जाएगा कि वृंदावन के पर्यावरण को नुकसान न हो। वृंदावन में नई पार्किंग बनाई जाएगी और बड़े वाहनों को बांके बिहारी मंदिर से ज्यादा दूरी पर न रोका जाए, इस संबंध में भी ध्यान दिया जाएगा। इससे पहले विश्व बैंक की टीम ने बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन किए। इस अवसर पर पर्यावरणविद प्रदीप दगलानी, विस्कान यूनी, पवन गौतम, खजान सिंह आदि उपस्थित रहे।
वन चेतना केंद्र पर
मथुरा-वृंदावन रोड पर स्थित वन चेतना केंद्र को विश्व बैंक की ओर से कृष्णा थीम पार्क का रूप देने की भी योजना है। इसके साथ ही वहां श्रद्धालुओं के बैठने और आराम करने के लिए काटेज भी बनाए जाएंगे। मथुरा जिला हास्पिटल के बराबर में ब्रज हॉट का भी निर्माण किया जाएगा।