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Mathura News: नई उम्मीदों-नए सपनों के साथ नए साल का स्वागत
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मथुरा। कान्हा की नगरी में साल के अंतिम दिन आराध्य के दर्शनों के लिए लोग पहुंचे। वहीं देर शाम से ही नए साल के जश्न की तैयारियां भी शुरू हो गईं। लोगों ने जमकर रात में जश्न मनाया। 12 बजते ही केक काटकर एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर नववर्ष के मैसेज पोस्ट किए गए।
कृष्ण नगरी में नववर्ष 2024 का हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लोग साल के अंतिम दिन अपने आराध्य की शरण में पहुंचे। बांकेबिहारी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ठा. द्वारिकाधीश, गोवर्धन, बरसाना, दाऊजी मंदिर, गोकुल आदि में लोगों ने ठाकुरजी के दर्शन कर नववर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा।
श्रीगिरिराज परिक्रमा लगाने के भी काफी संख्या में भक्त पहुंचे। नववर्ष की पूर्व संध्या पर ही जगह-जगह लोगों ने सामूहिक आयोजन के अलावा स्थानीय होटल आदि में भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। नए साल का जश्न हर पल गुजरने के साथ जुनून में बदलता गया। घड़ी की सुइयों के साथ नूतनता के आलिंगन की आतुरता अधीरता में बदलती गई। भविष्य में बेहतरी के सपनों के साथ स्वागत के अलग-अलग तरीकों से जश्न में रंग भरते चले गए।
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रात 12 बजने पर जैसे ही नए साल ने दस्तक दी, तो आसमान में आतिशबाजी के रंग भर गए। संगीत, नृत्य और हैप्पी न्यू ईअर, हैप्पी न्यू ईअर 2024 से कार्यक्रम स्थल गुंजायमान हो उठे। सोशल मीडिया पर भी संदेशों का आदान-प्रदान शुरू हो गया। यह दौर देर रात तक चलता रहा।
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कृष्ण नगरी में नववर्ष 2024 का हर्षोल्लास से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लोग साल के अंतिम दिन अपने आराध्य की शरण में पहुंचे। बांकेबिहारी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, ठा. द्वारिकाधीश, गोवर्धन, बरसाना, दाऊजी मंदिर, गोकुल आदि में लोगों ने ठाकुरजी के दर्शन कर नववर्ष के लिए आशीर्वाद मांगा।
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श्रीगिरिराज परिक्रमा लगाने के भी काफी संख्या में भक्त पहुंचे। नववर्ष की पूर्व संध्या पर ही जगह-जगह लोगों ने सामूहिक आयोजन के अलावा स्थानीय होटल आदि में भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। नए साल का जश्न हर पल गुजरने के साथ जुनून में बदलता गया। घड़ी की सुइयों के साथ नूतनता के आलिंगन की आतुरता अधीरता में बदलती गई। भविष्य में बेहतरी के सपनों के साथ स्वागत के अलग-अलग तरीकों से जश्न में रंग भरते चले गए।
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रात 12 बजने पर जैसे ही नए साल ने दस्तक दी, तो आसमान में आतिशबाजी के रंग भर गए। संगीत, नृत्य और हैप्पी न्यू ईअर, हैप्पी न्यू ईअर 2024 से कार्यक्रम स्थल गुंजायमान हो उठे। सोशल मीडिया पर भी संदेशों का आदान-प्रदान शुरू हो गया। यह दौर देर रात तक चलता रहा।