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Mathura News: एथेनॉल प्लांट नहीं चीनी मिल ही चाहिए
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छाता। छाता चीनी मिल परिसर में प्रस्तावित एथेनॉल प्लांट के खिलाफ स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को और अधिक मुखर हो गया। धरने पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी जायज मांगों पर उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेज रहा है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन उन्हें शुगर मिल ही चाहिए।
धरना प्रदर्शन में गांव कमई और करहला से सैकड़ों किसान डीजे के साथ धरना स्थल पहुंचे और इथेनॉल प्लांट का विरोध करते हुए छाता शुगर मिल चलाने की मांग रखी। भूतपूर्व सैनिक परिषद के आंदोलन को समर्थन देने दोपहर के समय कुंवर नरेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। दलील दी कि एथेनॉल प्लांट से प्रदूषण नहीं फैलता और यह क्षेत्र के रोजगार व विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने सरकार के फैसले को जनहित में बताया। कुंवर नरेंद्र के इन बयानों पर धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं, युवाओं और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने एक स्वर में उनकी बयानों को सिरे से खारिज करते हुए सरकार के फैसले के प्रति अपनी असहमति जताई।
बढ़ते तनाव को भांपते हुए पूर्व सैनिक सूबेदार ललित ने भीड़ को शांत किया। ललित ने कहा कि यहां किसी भी कीमत पर एथेनॉल प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में दोहराया कि जनता की एकमात्र और स्पष्ट मांग छाता चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की है। इस दौरान जबर सिंह प्रधान, महिपाल सिंह आर्य, सूबेदार जोगेंद्र, सूबेदार इंद्रजीत, चंदन सिंह आदि रहे।
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धरना प्रदर्शन में गांव कमई और करहला से सैकड़ों किसान डीजे के साथ धरना स्थल पहुंचे और इथेनॉल प्लांट का विरोध करते हुए छाता शुगर मिल चलाने की मांग रखी। भूतपूर्व सैनिक परिषद के आंदोलन को समर्थन देने दोपहर के समय कुंवर नरेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। दलील दी कि एथेनॉल प्लांट से प्रदूषण नहीं फैलता और यह क्षेत्र के रोजगार व विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने सरकार के फैसले को जनहित में बताया। कुंवर नरेंद्र के इन बयानों पर धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं, युवाओं और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने एक स्वर में उनकी बयानों को सिरे से खारिज करते हुए सरकार के फैसले के प्रति अपनी असहमति जताई।
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बढ़ते तनाव को भांपते हुए पूर्व सैनिक सूबेदार ललित ने भीड़ को शांत किया। ललित ने कहा कि यहां किसी भी कीमत पर एथेनॉल प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में दोहराया कि जनता की एकमात्र और स्पष्ट मांग छाता चीनी मिल को दोबारा शुरू करने की है। इस दौरान जबर सिंह प्रधान, महिपाल सिंह आर्य, सूबेदार जोगेंद्र, सूबेदार इंद्रजीत, चंदन सिंह आदि रहे।
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