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इंसान तो छोड़िए पशुओं के लिए भी पानी के लाले
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 03 May 2016 11:38 PM IST
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चौमुंहा की 41 ग्राम पंचायतों में पेयजल की भीषण किल्लत
- फोटो : अमर उजाला
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ब्लाक चौमुंहा की 41 ग्राम पंचायतों में पेयजल की भीषण किल्लत है। जलनिगम की अधिकांश टंकी, हैंडपंप और टीटीएसपी योजना के तहत बनी टंकी पानी की सप्लाई नहीं पा रही हैं। भूजल स्तर भी लगातार गिर रहा है। ऐसे में इंसान के साथ पशुओं के लिए भी पीने के पानी के लाले हैं।
अकबरपुर की प्रधान पूजा देवी सिसौदिया का कहना कि हाईवे किनारे जलनिगम की एक टंकी है जो करीब 15 साल से सफेद हाथी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि पूरा गांव दो किमी दूर चौमुंहा स्थित पेट्रोल पंप के हैंडपंप से पानी लाता है। गांव का पानी खारी है।
गांव पेलखू के प्रधान टीकम सिंह का कहना है कि गांव में एक टंकी है वह भी खारी पानी दे रही है। यहां तैनात कर्मचारी टंकी से रात में जलापूर्ति देते हैं। गांव के 75 प्रतिशत से अधिक भाग में पानी नहीं पहुंच रहा है। हैंडपंप खराब हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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प्रधान नौंगाव प्रतिनिधि हेतपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि गांव की टंकी चालू तो है लेकिन पांच साल से से इसकी सफाई नहीं हुई है। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। अधिकांश लोग जंगल में बने कुओं और हैंडपंप से पानी ला रहे हैं। गांव में लगे 30 प्रतिशत हैंडपंप खराब हैं। भरतिया के प्रधान लेखराज सिंह ने बताया कि स्थायी रूप से 25 हैंडपंप खराब हैं। 14 रीबोर होने हैं।
गांव सेही बांगर के प्रधान प्रतिनिधि रोहतान सिंह का कहना है कि गांव में पानी की टंकी तो है लेकिन बिजली न आने से इससे जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव में लगे हैंडपंप पानी नहीं उगल रहे हैं। इसी प्रकार पानी की किल्लत सिहाना, आझई, कौंकेरा, पसौली, सैंमरी, अगरयाला, ततारपुर, देवपुरा, बिड़ावली, दलौता, सैनवा अहूरी में भी है।
53 में से केवल आठ टीटीएसपी टंकी चालू
ब्लाक में टीटीएसपी योजना में 53 टंकी बनीं, इनमें से केवल स्यारहा, बांगर, जावली, अहूरी, शिवाल, पिल्होरा, गांगरौली, भरना खुर्द की टंकी चालू हैं।
अकबरपुर के लिए पानी का सफर जानलेवा
गांव अकबरपुर के बाशिंदों के लिए पानी का सफर जानलेवा साबित हो रहा है। पानी के लिए हाईवे किनारे सफर करने के कारण कई महिलाओं की हादसे में मौत हो चुकी है। 14 नवंबर 2003 को योगेन्द्र (22) पुत्र मोहन सिंह, 15 जून 2005 को आरती (14) पुत्री टीकम सिंह, मंजू (15) पुत्री भंवर सिंह, रजनी (25) पत्नी नेंम सिंह, रज्जो (30) पत्नी गंगाराम, 23 अप्रैल 2009 को शीला (42) पत्नी भजन लाल, 27 जनवरी 2010 को लीलावती (50) पत्नी सुखराम, किरन देवी (40) पत्नी दान सिंह, नंदी (50) पुत्र रामसहाय, हरी राम पुत्र सोनपाल, रामवती पत्नी सूखा की मौत पानी लाने के दौरान वाहनों की टक्कर से हो गई थी।
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अकबरपुर की प्रधान पूजा देवी सिसौदिया का कहना कि हाईवे किनारे जलनिगम की एक टंकी है जो करीब 15 साल से सफेद हाथी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि पूरा गांव दो किमी दूर चौमुंहा स्थित पेट्रोल पंप के हैंडपंप से पानी लाता है। गांव का पानी खारी है।
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गांव पेलखू के प्रधान टीकम सिंह का कहना है कि गांव में एक टंकी है वह भी खारी पानी दे रही है। यहां तैनात कर्मचारी टंकी से रात में जलापूर्ति देते हैं। गांव के 75 प्रतिशत से अधिक भाग में पानी नहीं पहुंच रहा है। हैंडपंप खराब हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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प्रधान नौंगाव प्रतिनिधि हेतपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि गांव की टंकी चालू तो है लेकिन पांच साल से से इसकी सफाई नहीं हुई है। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। अधिकांश लोग जंगल में बने कुओं और हैंडपंप से पानी ला रहे हैं। गांव में लगे 30 प्रतिशत हैंडपंप खराब हैं। भरतिया के प्रधान लेखराज सिंह ने बताया कि स्थायी रूप से 25 हैंडपंप खराब हैं। 14 रीबोर होने हैं।
गांव सेही बांगर के प्रधान प्रतिनिधि रोहतान सिंह का कहना है कि गांव में पानी की टंकी तो है लेकिन बिजली न आने से इससे जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव में लगे हैंडपंप पानी नहीं उगल रहे हैं। इसी प्रकार पानी की किल्लत सिहाना, आझई, कौंकेरा, पसौली, सैंमरी, अगरयाला, ततारपुर, देवपुरा, बिड़ावली, दलौता, सैनवा अहूरी में भी है।
53 में से केवल आठ टीटीएसपी टंकी चालू
ब्लाक में टीटीएसपी योजना में 53 टंकी बनीं, इनमें से केवल स्यारहा, बांगर, जावली, अहूरी, शिवाल, पिल्होरा, गांगरौली, भरना खुर्द की टंकी चालू हैं।
अकबरपुर के लिए पानी का सफर जानलेवा
गांव अकबरपुर के बाशिंदों के लिए पानी का सफर जानलेवा साबित हो रहा है। पानी के लिए हाईवे किनारे सफर करने के कारण कई महिलाओं की हादसे में मौत हो चुकी है। 14 नवंबर 2003 को योगेन्द्र (22) पुत्र मोहन सिंह, 15 जून 2005 को आरती (14) पुत्री टीकम सिंह, मंजू (15) पुत्री भंवर सिंह, रजनी (25) पत्नी नेंम सिंह, रज्जो (30) पत्नी गंगाराम, 23 अप्रैल 2009 को शीला (42) पत्नी भजन लाल, 27 जनवरी 2010 को लीलावती (50) पत्नी सुखराम, किरन देवी (40) पत्नी दान सिंह, नंदी (50) पुत्र रामसहाय, हरी राम पुत्र सोनपाल, रामवती पत्नी सूखा की मौत पानी लाने के दौरान वाहनों की टक्कर से हो गई थी।