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Mathura News: वाॅशरूम में फोन चलाने की आदत दे रही कब्ज व पाइल्स की बीमारी
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मथुरा। वाॅशरूम में फोन चलाने की आदत लोगों को कब्ज और पाइल्स जैसी बीमारी दे रही है। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल में पेट संबंधी दिक्कत लेकर आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या किशोर और युवाओं की है। मानसिक रूप से भी परेशानियां आ रही हैं।
गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. नितिन गोयल ने बताया कि दिमाग को मोबाइल पर व्यस्त रखने से वाॅशरूम में जरूरत से ज्यादा समय लग रहा है। इस वजह से 95 फीसदी युवाओं में कब्ज व पाचन तंत्र की शिकायत होने लगी है। लंबे समय से तकलीफ के कारण आगे पाइल्स का भी खतरा है। मोशन के लिए आंत, मांसपेशी संग दिमाग का आपसी सहयोग जरूरी है। दिमाग से संकेत मिलने के बाद आंत और मांसपेशियां मोशन का रास्ता तैयार करती हैं।
उन्होंने कहा कि मोबाइल वाॅशरूम में ले जाने से दिमाग उसी पर व्यस्त रहता है। आंत और मांसपेशियां मोशन का दिमाग से संकेत पाने का इंतजार करती हैं। इसी चक्कर में वाॅशरूम में जरूरत से ज्यादा समय लगता है। इससे नसों में खून जमा हो जाता है और पाइल्स की समस्या शुरू हो जाती है।
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ये दिक्कतें भी हो रहीं
चिकित्सकों के अनुसार सबसे पहले पेट का साफ नहीं होना मुख्य लक्षण है। कब्ज, मरोड, भारीपन और गैस के अलावा खाना न पचने की दिक्कत भी बढ़ी हैं। समस्या रहने से लोग तनाव और चिड़चिड़ेपन के शिकार भी हो रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
- वाॅशरूम में मोबाइल न ले जाएं, पेट संबंधी दिक्कत पर तुंरत चिकित्सकों से परामर्श लें, कोई भी दवा बिना डॉक्टर के परामर्श से न लें, माता-पिता बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें।
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गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. नितिन गोयल ने बताया कि दिमाग को मोबाइल पर व्यस्त रखने से वाॅशरूम में जरूरत से ज्यादा समय लग रहा है। इस वजह से 95 फीसदी युवाओं में कब्ज व पाचन तंत्र की शिकायत होने लगी है। लंबे समय से तकलीफ के कारण आगे पाइल्स का भी खतरा है। मोशन के लिए आंत, मांसपेशी संग दिमाग का आपसी सहयोग जरूरी है। दिमाग से संकेत मिलने के बाद आंत और मांसपेशियां मोशन का रास्ता तैयार करती हैं।
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उन्होंने कहा कि मोबाइल वाॅशरूम में ले जाने से दिमाग उसी पर व्यस्त रहता है। आंत और मांसपेशियां मोशन का दिमाग से संकेत पाने का इंतजार करती हैं। इसी चक्कर में वाॅशरूम में जरूरत से ज्यादा समय लगता है। इससे नसों में खून जमा हो जाता है और पाइल्स की समस्या शुरू हो जाती है।
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ये दिक्कतें भी हो रहीं
चिकित्सकों के अनुसार सबसे पहले पेट का साफ नहीं होना मुख्य लक्षण है। कब्ज, मरोड, भारीपन और गैस के अलावा खाना न पचने की दिक्कत भी बढ़ी हैं। समस्या रहने से लोग तनाव और चिड़चिड़ेपन के शिकार भी हो रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
- वाॅशरूम में मोबाइल न ले जाएं, पेट संबंधी दिक्कत पर तुंरत चिकित्सकों से परामर्श लें, कोई भी दवा बिना डॉक्टर के परामर्श से न लें, माता-पिता बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें।