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Mathura News: ग्रामीणों को गणना प्रपत्र भरने में आ रही कठिनाई, बीएलओ कर रहे लापरवाही
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मथुरा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में ग्रामीण अंचल के लोग परेशान हैं। कहीं बीएलओ स्कूलों में कैंप लगाकर मतदाताओं को बुला रहे हैं तो कहीं बीएलओ पहुंच ही नहीं रहे हैं। कई जगह परिवार रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों को मानने के लिए भी तैयार नहीं हैं। कई जगह से बीएलओ की लापरवाही की शिकायतें आ रही हैं।
नौहझील में 15 वार्ड में 9 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीएलओ फोन कर उन्हें अपने घर या प्राथमिक विद्यालय में बुला रहे हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ बीएलओ को तो ग्रामीण खुद फोन कर रहे हैं। जागरूकता के अभाव में ग्रामीणों को फॉर्म भरने में दिक्कतें आ रही हैं। तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जांच कराई जाएगी। अमर सिंह भगत जी ने कहा कि बीएलओ ने घर न आकर फोन किया, कहा कि प्राथमिक स्कूल आकर फॉर्म भरवा लो। संजय पठान ने कहा कि हमें मतदाता फॉर्म कैसे भरना है, इसकी सही जानकारी नहीं है। बीएलओ आते तो समझा देते। राजेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाता सूची का बीएलओ ने अगर घर-घर जाकर सत्यापन नहीं किया तो कई नाम छूट जाएंगे।
सौंख में प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में शिविर लगाकर लोगों को एसआईआर के बारे में जानकरी दे रहे हैं। शिविर के बाद अब बीएलओ घर घर पहुंचकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं। सुपरवाइजर अंकित अग्रवाल का कहना है कि एसआईआर फार्म बांट दिए गए है। सूची से मिलान कर फॉर्म जल्द भर दें। इसके बाद घर-घर पहुंचकर जानकारी दी जा रही है।
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महावन तहसील के ग्राम पंचायत कारब में मतदाता सूची पुनरीक्षण किया जा रहा है। बीएलओ गजेंद्र कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक होने के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम महावन ने दो सहायक उपलब्ध कराने का आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई भी सहायक उनके पास नहीं पहुंचा है।
बीएलओ गजेंद्र कुमार ने बताया कि कई परिवार लंबे समय तक घरों से बाहर रहते हैं, जिससे सत्यापन में देरी हो रही है। वहीं, कुछ लोग गलत तरीके से फॉर्म भर रहे हैं, जिन्हें बार-बार सुधार कराने में समय लग रहा है। महिलाओं के मायके से संबंधित एसआईआर की डिटेल उपलब्ध नहीं होने से सबसे अधिक दिक्कत सामने आ रही है। मांट में कई स्थानों पर बीएलओ के नहीं पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं।
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नौहझील में 15 वार्ड में 9 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीएलओ फोन कर उन्हें अपने घर या प्राथमिक विद्यालय में बुला रहे हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ बीएलओ को तो ग्रामीण खुद फोन कर रहे हैं। जागरूकता के अभाव में ग्रामीणों को फॉर्म भरने में दिक्कतें आ रही हैं। तहसीलदार बृजेश कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जांच कराई जाएगी। अमर सिंह भगत जी ने कहा कि बीएलओ ने घर न आकर फोन किया, कहा कि प्राथमिक स्कूल आकर फॉर्म भरवा लो। संजय पठान ने कहा कि हमें मतदाता फॉर्म कैसे भरना है, इसकी सही जानकारी नहीं है। बीएलओ आते तो समझा देते। राजेंद्र सिंह ने बताया कि मतदाता सूची का बीएलओ ने अगर घर-घर जाकर सत्यापन नहीं किया तो कई नाम छूट जाएंगे।
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सौंख में प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में शिविर लगाकर लोगों को एसआईआर के बारे में जानकरी दे रहे हैं। शिविर के बाद अब बीएलओ घर घर पहुंचकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं। सुपरवाइजर अंकित अग्रवाल का कहना है कि एसआईआर फार्म बांट दिए गए है। सूची से मिलान कर फॉर्म जल्द भर दें। इसके बाद घर-घर पहुंचकर जानकारी दी जा रही है।
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महावन तहसील के ग्राम पंचायत कारब में मतदाता सूची पुनरीक्षण किया जा रहा है। बीएलओ गजेंद्र कुमार ने बताया कि उनके वार्ड में मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक होने के कारण उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम महावन ने दो सहायक उपलब्ध कराने का आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक कोई भी सहायक उनके पास नहीं पहुंचा है।
बीएलओ गजेंद्र कुमार ने बताया कि कई परिवार लंबे समय तक घरों से बाहर रहते हैं, जिससे सत्यापन में देरी हो रही है। वहीं, कुछ लोग गलत तरीके से फॉर्म भर रहे हैं, जिन्हें बार-बार सुधार कराने में समय लग रहा है। महिलाओं के मायके से संबंधित एसआईआर की डिटेल उपलब्ध नहीं होने से सबसे अधिक दिक्कत सामने आ रही है। मांट में कई स्थानों पर बीएलओ के नहीं पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं।