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Mathura News: डीपीआरओ की संपत्तियां तलाशने अयोध्या और सुल्तानपुर गईं विजिलेंस की टीमें
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मथुरा। विजिलेंस आगरा की टीम अब डीपीआरओ किरन चौधरी की संपत्तियों की जानकारी करने में पूरी ताकत झोंक रही है। मथुरा के बाद अब अयोध्या और सुल्तानपुर में विजिलेंस की टीमें संपत्तियों की तलाश में गई हैं। टीम उप निबंधक कार्यालय के साथ ही जांच के दौरान मिली सूचनाओं को भी आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
4 फरवरी को डीपीआरओ किरन चौधरी की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी होने के बाद विजिलेंस आगरा जांच में जुटी है। अब तक टीम की जांच का केंद्र मथुरा तक ही सीमित था, लेकिन अब ये दायरा बढ़ गया है। शनिवार को मथुरा में डीपीआरओ की संपत्तियों की जानकारी जुटाने के बाद टीम ने अब इस जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विजिलेंस की दो टीमें अलग-अलग जिलों में भेजी गई हैं।
इसमें एक टीम अयोध्या तो दूसरी सुल्तानपुर गई है। दरअसल डीपीआरओ के पिता सुल्तानपुर के ही मूल निवासी हैं। वहीं अयोध्या में भी संपत्तियां खरीदने की जानकारी विजिलेंस को जांच के दौरान मिली है। सूत्रों के अनुसार जांच टीम को पुख्ता सूचना मिली है कि यहां भी किरन चौधरी ने एक व्यावसायिक भूखंड खरीदा था। इस भूखंड पर होटल का निर्माण किया जा रहा है। जिले के एक माननीय की भी इसमें हिस्सेदारी की भी बात सामने आ रही है।
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जांच टीम उप निबंधन कार्यालय में हुए बैनामों की पड़ताल और सूत्रों से मिली जानकारी को आधार बनाकर संपत्तियों की तलाश को आगे बढ़ाएगी।
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शिकायतों को दबाने का हो रहा है प्रयास
किरन चौधरी के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद कई प्रधान और विभागीय कर्मचारी विजिलेंस से शिकायत करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में पंचायत राज विभाग की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत राज विभाग का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी और कर्मचारी प्रधानों और कर्मचारियों को शिकायत न करने की सलाह दे रहे हैं। इसके लिए वे उनकी हर समस्या का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दे रहे हैं। हालांकि आश्वासन के बाद भी कुछ प्रधान उनकी बातों में न आकर शिकायत करने विजिलेंस के पास पहुंच रहे हैं।
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4 फरवरी को डीपीआरओ किरन चौधरी की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी होने के बाद विजिलेंस आगरा जांच में जुटी है। अब तक टीम की जांच का केंद्र मथुरा तक ही सीमित था, लेकिन अब ये दायरा बढ़ गया है। शनिवार को मथुरा में डीपीआरओ की संपत्तियों की जानकारी जुटाने के बाद टीम ने अब इस जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विजिलेंस की दो टीमें अलग-अलग जिलों में भेजी गई हैं।
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इसमें एक टीम अयोध्या तो दूसरी सुल्तानपुर गई है। दरअसल डीपीआरओ के पिता सुल्तानपुर के ही मूल निवासी हैं। वहीं अयोध्या में भी संपत्तियां खरीदने की जानकारी विजिलेंस को जांच के दौरान मिली है। सूत्रों के अनुसार जांच टीम को पुख्ता सूचना मिली है कि यहां भी किरन चौधरी ने एक व्यावसायिक भूखंड खरीदा था। इस भूखंड पर होटल का निर्माण किया जा रहा है। जिले के एक माननीय की भी इसमें हिस्सेदारी की भी बात सामने आ रही है।
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जांच टीम उप निबंधन कार्यालय में हुए बैनामों की पड़ताल और सूत्रों से मिली जानकारी को आधार बनाकर संपत्तियों की तलाश को आगे बढ़ाएगी।
शिकायतों को दबाने का हो रहा है प्रयास
किरन चौधरी के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू होने के बाद कई प्रधान और विभागीय कर्मचारी विजिलेंस से शिकायत करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में पंचायत राज विभाग की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत राज विभाग का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी और कर्मचारी प्रधानों और कर्मचारियों को शिकायत न करने की सलाह दे रहे हैं। इसके लिए वे उनकी हर समस्या का जल्द निस्तारण करने का आश्वासन दे रहे हैं। हालांकि आश्वासन के बाद भी कुछ प्रधान उनकी बातों में न आकर शिकायत करने विजिलेंस के पास पहुंच रहे हैं।