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बायोटेक का कोर्स बदलेगी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:29 PM IST
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उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान (वेटरनेरी विवि) अब बायोटेक के कोर्स में परिवर्तन करने जा रहा है। इसके लिए कुलपति ने कालेज ऑफ बायोटेक के डीन को कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
बीते करीब पांच सालों से वेटरनेरी विवि मथुरा कालेज ऑफ बायोटेक का संचालन कर रहा है। सरकारी वित्तीय मदद के अभाव में यह कालेज विश्वविद्यालय की ओर से सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत संचालित किया जा रहा है। शुरुआत में यहां पीजी कोर्स संचालित हो रहे थे लेकिन सेल्फ फाइनेंस में अधिक फीस के चलते छात्रों का रुझान कालेज की तरफ नहीं हुआ। बीते साल से यहां पीजी कोर्स के साथ बायोटेक में स्नातक और पीएचडी डिग्री प्रोग्राम भी शुरू कर दिए गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं का कालेज की ओर रुझान बढ़ा है।
अब कुलपति डा. केएमएल पाठक ने कालेज ऑफ बायोटेक में यूजी, पीजी और पीएचडी डिग्री के कोर्स में परिवर्तन करने का फैसला लिया है। कोर्स को रोजगारपरक बनाने के साथ इसमें वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा। जल्द ही गठित होने वाली कमेटी इस पर निर्णय लेगी। कोर्स में बदलाव के लिए विभिन्न विवि और उद्योगों से भी राय ली जाएगी।
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वर्तमान के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नया पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। कोशिश है कि यहां से तैयार छात्र इस क्षेत्र के विशेषज्ञ साबित हों।
- डा. केएमएल पाठक
कुलपति, वेटरनेरी विश्वविद्यालय मथुरा
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बीते करीब पांच सालों से वेटरनेरी विवि मथुरा कालेज ऑफ बायोटेक का संचालन कर रहा है। सरकारी वित्तीय मदद के अभाव में यह कालेज विश्वविद्यालय की ओर से सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत संचालित किया जा रहा है। शुरुआत में यहां पीजी कोर्स संचालित हो रहे थे लेकिन सेल्फ फाइनेंस में अधिक फीस के चलते छात्रों का रुझान कालेज की तरफ नहीं हुआ। बीते साल से यहां पीजी कोर्स के साथ बायोटेक में स्नातक और पीएचडी डिग्री प्रोग्राम भी शुरू कर दिए गए हैं। इससे छात्र-छात्राओं का कालेज की ओर रुझान बढ़ा है।
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अब कुलपति डा. केएमएल पाठक ने कालेज ऑफ बायोटेक में यूजी, पीजी और पीएचडी डिग्री के कोर्स में परिवर्तन करने का फैसला लिया है। कोर्स को रोजगारपरक बनाने के साथ इसमें वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा। जल्द ही गठित होने वाली कमेटी इस पर निर्णय लेगी। कोर्स में बदलाव के लिए विभिन्न विवि और उद्योगों से भी राय ली जाएगी।
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वर्तमान के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नया पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। कोशिश है कि यहां से तैयार छात्र इस क्षेत्र के विशेषज्ञ साबित हों।
- डा. केएमएल पाठक
कुलपति, वेटरनेरी विश्वविद्यालय मथुरा