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Mathura News: रायबरेली में चेतना रैली में शक्ति प्रदर्शन करेगा वैश्य समाज
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कोसीकलां। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद ने विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राजनीतिक भागीदारी की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। परिषद 27 अक्तूबर को रायबरेली के रिफॉर्म क्लब में राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन आयोजित करेगी। यह सम्मेलन आगामी विधानसभा चुनाव में समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी तय करने का महत्वपूर्ण मंच होगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने मंगलवार शाम अग्रसेन नगर में भाजपा नेत्री सीमा रानी के निवास पर हुई बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में वैश्य समाज अपनी राजनीतिक भूमिका मजबूती से सामने रखेगा। डॉ. गुप्ता ने कहा, जो राजनीतिक दल समाज को पर्याप्त हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व देंगे, उनके साथ समाज समर्थन की रणनीति पर विचार करेगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तरुण सेठ ने बताया कि समाज राजनीतिक दलों से वैश्य प्रत्याशियों को अवसर देने की अपेक्षा रखता है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमल किशोर वार्ष्णेय ने कहा, समाज अब ''''जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उतनी भागीदारी'''' के आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग रखेगा। राष्ट्रीय स्तर पर हुई बैठकों में राजनीतिक भागीदारी को प्रमुख मुद्दा बनाने पर सहमति बनी है। इसी आधार पर सम्मेलन में आगे की रणनीति तय की जाएगी।27 अक्तूबर के सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। वैश्य समाज के विभिन्न उपवर्गों के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में प्रदेश के प्रमुख वैश्य नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने मंगलवार शाम अग्रसेन नगर में भाजपा नेत्री सीमा रानी के निवास पर हुई बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में वैश्य समाज अपनी राजनीतिक भूमिका मजबूती से सामने रखेगा। डॉ. गुप्ता ने कहा, जो राजनीतिक दल समाज को पर्याप्त हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व देंगे, उनके साथ समाज समर्थन की रणनीति पर विचार करेगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तरुण सेठ ने बताया कि समाज राजनीतिक दलों से वैश्य प्रत्याशियों को अवसर देने की अपेक्षा रखता है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कमल किशोर वार्ष्णेय ने कहा, समाज अब ''''जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उतनी भागीदारी'''' के आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग रखेगा। राष्ट्रीय स्तर पर हुई बैठकों में राजनीतिक भागीदारी को प्रमुख मुद्दा बनाने पर सहमति बनी है। इसी आधार पर सम्मेलन में आगे की रणनीति तय की जाएगी।27 अक्तूबर के सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। वैश्य समाज के विभिन्न उपवर्गों के प्रतिनिधि भी इसमें हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में प्रदेश के प्रमुख वैश्य नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
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