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Mathura News: स्वामी राधाप्रसाद देव जू महाराज का वैराग्य दिवस धूमधाम से मनाया
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ललित कुंज आश्रम में मौजूद महामंडलेश्वर राधाप्रसाद देव जू महाराज ।
वृंदावन। तेरो सोई है जो राधा रसिक अनन्य...स्वामी हरिदासजी की इसी भक्ति परंपरा को अपने जीवन में उतारने वाले संत महामंडलेश्वर स्वामी राधाप्रसाद देव जू महाराज का 62वां वैराग्य दिवस बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। आठ वर्ष की आयु में ठाकुरजी से प्रीत लगाने वाले संत ने ठाकुरजी की सेवा को ही अपने जीवन का लक्ष्य बताया।
स्वामी राधाप्रसाद देव जू महाराज संगीत सम्राट स्वामी हरिदास की परंपरा की 18वीं पीढ़ी के संत हैं। संत ने वृंदावन के स्वरूप को अपने भीतर आत्मसात करने के लिए 22 वर्षों तक यहां की कुंज-गलियों में मधुकरी (भिक्षा) मांगकर जीवन यापन किया। अहंकार को शून्य कर केवल हरिनाम को जीवन का आधार बनाया। अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को प्रगाढ़ करने के लिए उन्होंने 16 बार हिमालय की दुर्गम यात्राएं भी की हैं।
रच डाले 90 से अधिक ग्रंथ
महामंडलेश्वर राधाप्रसाद देव जू महाराज सनातन साहित्य के विद्वान भी हैं। उन्होंने ब्रज साहित्य, हरिदासी संप्रदाय और भक्ति मार्ग को समृद्ध करते हुए 90 से अधिक ग्रंथों की रचना की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समय-समय पर उनके ग्रंथों का विमोचन कर चुके हैं।
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ललित कुंज में उमड़ेगा सैलाब
परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में समारोह के दौरान महंत मोहिनी बिहारी शरण ने बताया कि ठाकुरजी का भव्य शृंगार कर उन्हें आम के बंगले में विराजमान किया गया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर सत्यानन्द सरस्वती गिरी महाराज, महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज, महंत अचल बिहारी दास, महंत वैष्णव दास, महंत राम दास, बिहारी लाल वशिष्ठ, आचार्य मनोज मोहन शास्त्री, आचार्य मृदुलकांत शास्त्री, आचार्य बद्रीश, सौरभ गौड़, योगेश गर्ग आदि मौजूद रहे।
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स्वामी राधाप्रसाद देव जू महाराज संगीत सम्राट स्वामी हरिदास की परंपरा की 18वीं पीढ़ी के संत हैं। संत ने वृंदावन के स्वरूप को अपने भीतर आत्मसात करने के लिए 22 वर्षों तक यहां की कुंज-गलियों में मधुकरी (भिक्षा) मांगकर जीवन यापन किया। अहंकार को शून्य कर केवल हरिनाम को जीवन का आधार बनाया। अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को प्रगाढ़ करने के लिए उन्होंने 16 बार हिमालय की दुर्गम यात्राएं भी की हैं।
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रच डाले 90 से अधिक ग्रंथ
महामंडलेश्वर राधाप्रसाद देव जू महाराज सनातन साहित्य के विद्वान भी हैं। उन्होंने ब्रज साहित्य, हरिदासी संप्रदाय और भक्ति मार्ग को समृद्ध करते हुए 90 से अधिक ग्रंथों की रचना की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समय-समय पर उनके ग्रंथों का विमोचन कर चुके हैं।
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ललित कुंज में उमड़ेगा सैलाब
परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में समारोह के दौरान महंत मोहिनी बिहारी शरण ने बताया कि ठाकुरजी का भव्य शृंगार कर उन्हें आम के बंगले में विराजमान किया गया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर सत्यानन्द सरस्वती गिरी महाराज, महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज, महंत अचल बिहारी दास, महंत वैष्णव दास, महंत राम दास, बिहारी लाल वशिष्ठ, आचार्य मनोज मोहन शास्त्री, आचार्य मृदुलकांत शास्त्री, आचार्य बद्रीश, सौरभ गौड़, योगेश गर्ग आदि मौजूद रहे।