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Mathura News: राशन डीलर का चयन नहीं होने पर हंगामा, अधिकारी को बनाया बंधक
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मथुरा-टैंटीगांव। नौहझील ब्लॉक की ग्राम पंचायत ओहावा में सोमवार को राशन डीलर के चयन के लिए खुली बैठक बुलाई गई। इस दौरान कोई निर्णय न होने पर हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने धक्का मुक्की करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी को बंधक बना लिया। श्
इस मामले में प्रधान प्रतिनिधि समेत 3 नामजद और 10 अज्ञात पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में सुरीर थाने में केस दर्ज किया गया है।
ग्राम पंचायत ओहावा में करीब 10 माह पहले राशन की दुकान निरस्त हो गई थी। राशन डीलर के चयन के लिए कई बार खुली बैठक बुलाई गई, लेकिन हर बार कोई न कोई कारण बता कर बैठक निरस्त कर दी गई। सोमवार को एक बार फिर राशन डीलर के चयन के लिए प्राथमिक विद्यालय में खुली बैठक बुलाई गई थी। गांव के करीब आठ लोगों ने राशन डीलर के लिए आवेदन किया। इनमें से 4 आवेदक मौके से चले गए।
एक आवेदक के खिलाफ ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई कि उनके परिजन सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपी रहे हैं। इसके बाद बैठक में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे को देखते हुए अधिकारियों ने बैठक को निरस्त करने की बात कही। आरोप है कि इससे गुस्साए ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेंद्रपाल सिंह को बंधक बना लिया और विद्यालय का गेट बंद कर दिया।
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धीरेंद्रपाल सिंह का आरोप है कि जब वह बाहर जाने की कोशिश करने लगे तो प्रधान प्रतिनिधि होशियार के इशारे पर गांव के कालू और नरेश समेत दो-तीन महिलाओं और आधा दर्जन पुरुष गाली गलौज करने लगे और कहने लगे कि उन्हें यहां से जाने नहीं देंगे। उन्होंने धमकाया कि राशन डीलर के चयन का कागज देकर नहीं गए तो जान से मार देंगे। आखिर पुलिस की मदद से उनके कब्जे से बाहर निकले।
सुरीर थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि होशियार सिंह ने बताया कि पिछले एक साल में चार बार खुली बैठक हो चुकी है। मगर, अधिकारी जानबूझकर राशन डीलर का चयन नहीं करते हैं। वह तो ग्रामीणों को समझा रहे थे। इसके बावजूद उन्हें आरोपी बना दिया गया।
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इस मामले में प्रधान प्रतिनिधि समेत 3 नामजद और 10 अज्ञात पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में सुरीर थाने में केस दर्ज किया गया है।
ग्राम पंचायत ओहावा में करीब 10 माह पहले राशन की दुकान निरस्त हो गई थी। राशन डीलर के चयन के लिए कई बार खुली बैठक बुलाई गई, लेकिन हर बार कोई न कोई कारण बता कर बैठक निरस्त कर दी गई। सोमवार को एक बार फिर राशन डीलर के चयन के लिए प्राथमिक विद्यालय में खुली बैठक बुलाई गई थी। गांव के करीब आठ लोगों ने राशन डीलर के लिए आवेदन किया। इनमें से 4 आवेदक मौके से चले गए।
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एक आवेदक के खिलाफ ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई कि उनके परिजन सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपी रहे हैं। इसके बाद बैठक में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे को देखते हुए अधिकारियों ने बैठक को निरस्त करने की बात कही। आरोप है कि इससे गुस्साए ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेंद्रपाल सिंह को बंधक बना लिया और विद्यालय का गेट बंद कर दिया।
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धीरेंद्रपाल सिंह का आरोप है कि जब वह बाहर जाने की कोशिश करने लगे तो प्रधान प्रतिनिधि होशियार के इशारे पर गांव के कालू और नरेश समेत दो-तीन महिलाओं और आधा दर्जन पुरुष गाली गलौज करने लगे और कहने लगे कि उन्हें यहां से जाने नहीं देंगे। उन्होंने धमकाया कि राशन डीलर के चयन का कागज देकर नहीं गए तो जान से मार देंगे। आखिर पुलिस की मदद से उनके कब्जे से बाहर निकले।
सुरीर थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि होशियार सिंह ने बताया कि पिछले एक साल में चार बार खुली बैठक हो चुकी है। मगर, अधिकारी जानबूझकर राशन डीलर का चयन नहीं करते हैं। वह तो ग्रामीणों को समझा रहे थे। इसके बावजूद उन्हें आरोपी बना दिया गया।