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UP Weather: मथुरा में सुबह-सुबह बदला माैसम, बारिश के साथ जमकर गिरे ओले; किसानों के निकल पड़े आंसू
Sun, 05 Apr 2026 09:47 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 05 Apr 2026 09:47 AM IST
सार
यूपी के मथुरा जिले में रविवार सुबह माैसम अचानक से बदल गया। घने बादल छाने के बाद जमकर बारिश हुई। ओलावृष्टि से खेतों में बर्बाद होती फसल को देख किसानों के आंसू निकल पड़े।
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बारिश से फसलों को पहुंचा नुकसान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा के छाता क्षेत्र में रविवार सुबह करीब पांच बजे हुए कुदरत के कहर ने किसानों की कमर तोड़ दी है। छाता नगर सहित ग्रामीण अंचलों में हुई भीषण ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी और कटी रखी फसलों को तबाह कर दिया।
मुख्य रूप से नरी सेमरी, बिलोठी, दाढ़ी गढ़ी, अलवाई और नगला ब्रिजा, बलदेव समेत दर्जनों गांवों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। गांव नरी निवासी किसान वीरी सिंह भगत ने बताया कि गेहूं की पकी हुई फसल कटाई के लिए तैयार थी, जो अब पूरी तरह चौपट हो चुकी है। इस बेमौसम आपदा से क्षेत्र का अन्नदाता गहरे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव में है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
गोवर्धन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाही, किसान भुखमरी की कगार पर
गोवर्धन क्षेत्र में गेहूं की तैयार खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा हरी सब्जियों की फसल भी ओलों की मार से नष्ट हो चुकी है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भर जाने और ओलों की वजह से फसल जमीन पर गिरकर सड़ने लगी है, जिससे अब उनके पास आय का कोई साधन नहीं बचा है। पैठा निवासी किसान रामेश्वर ने बताया की हमारी पूरी गेहूं की फसल खत्म हो गई है, अब घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं तुलसीराम का कहना है कि ओलावृष्टि ने सब्जियों को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया, अब कोई सहारा नहीं बचा है। भगवत प्रसाद ने भी चिंता जताते हुए कहा की सरकार से तुरंत मुआवजा नहीं मिला तो हालात और बिगड़ जाएंगे। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिली, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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गोवर्धन में विधायक और एसडीएम ने किया निरीक्षण
विधानसभा क्षेत्र गोवर्धन में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। विधायक ठा. मेघश्याम सिंह, एसडीएम प्रजाक्ता त्रिपाठी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और नुकसान की वास्तविक स्थिति को समझा। विधायक ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी हर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
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मुख्य रूप से नरी सेमरी, बिलोठी, दाढ़ी गढ़ी, अलवाई और नगला ब्रिजा, बलदेव समेत दर्जनों गांवों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। गांव नरी निवासी किसान वीरी सिंह भगत ने बताया कि गेहूं की पकी हुई फसल कटाई के लिए तैयार थी, जो अब पूरी तरह चौपट हो चुकी है। इस बेमौसम आपदा से क्षेत्र का अन्नदाता गहरे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव में है। किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।
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गोवर्धन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाही, किसान भुखमरी की कगार पर
गोवर्धन क्षेत्र में गेहूं की तैयार खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा हरी सब्जियों की फसल भी ओलों की मार से नष्ट हो चुकी है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भर जाने और ओलों की वजह से फसल जमीन पर गिरकर सड़ने लगी है, जिससे अब उनके पास आय का कोई साधन नहीं बचा है। पैठा निवासी किसान रामेश्वर ने बताया की हमारी पूरी गेहूं की फसल खत्म हो गई है, अब घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं तुलसीराम का कहना है कि ओलावृष्टि ने सब्जियों को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया, अब कोई सहारा नहीं बचा है। भगवत प्रसाद ने भी चिंता जताते हुए कहा की सरकार से तुरंत मुआवजा नहीं मिला तो हालात और बिगड़ जाएंगे। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मदद नहीं मिली, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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गोवर्धन में विधायक और एसडीएम ने किया निरीक्षण
विधानसभा क्षेत्र गोवर्धन में हाल ही में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। विधायक ठा. मेघश्याम सिंह, एसडीएम प्रजाक्ता त्रिपाठी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति देखी और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और नुकसान की वास्तविक स्थिति को समझा। विधायक ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी हर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।
डीएम ने खेतों में जाकर लिया फसल का जायजा
जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रविवार को जिलाधिकारी (डीएम) मथुरा ने खुद खेतों पर पहुंचकर फसलों की बर्बादी का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने एसडीएम छाता वैभव गुप्ता के साथ चौमुहां, पसौली और परखम क्षेत्रों का दौरा किया और गेहूं की खराब हो चुकी बालियों को देखकर गहरी चिंता व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों के साथ खेतों के अंदर जाकर गेहूं की फसल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि जलभराव और नमी के कारण गेहूं का दाना काला पड़ गया है, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हुई हैं। प्राथमिक आकलन के अनुसार, इन क्षेत्रों में लगभग 50 प्रतिशत तक फसल का नुकसान देखा गया है। जिलाधिकारी ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी पीड़ित किसान मुआवजे से वंचित न रहे। इसी क्रम में पूरे जिले में फसल नुकसान का व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, वे तुरंत बीमा कंपनी को अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि क्लेम की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। एसडीएम छाता वैभव गुप्ता, कानूनगो हरीशचंद, लेखपाल सतेंद्र सिंह, विशाल गुप्ता, रमेश सिंह, राजकुमार, राहुल, धर्मवीर आदि मौजूद रहे।
जिले में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। रविवार को जिलाधिकारी (डीएम) मथुरा ने खुद खेतों पर पहुंचकर फसलों की बर्बादी का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने एसडीएम छाता वैभव गुप्ता के साथ चौमुहां, पसौली और परखम क्षेत्रों का दौरा किया और गेहूं की खराब हो चुकी बालियों को देखकर गहरी चिंता व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों के साथ खेतों के अंदर जाकर गेहूं की फसल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि जलभराव और नमी के कारण गेहूं का दाना काला पड़ गया है, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित हुई हैं। प्राथमिक आकलन के अनुसार, इन क्षेत्रों में लगभग 50 प्रतिशत तक फसल का नुकसान देखा गया है। जिलाधिकारी ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी पीड़ित किसान मुआवजे से वंचित न रहे। इसी क्रम में पूरे जिले में फसल नुकसान का व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, वे तुरंत बीमा कंपनी को अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि क्लेम की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके। एसडीएम छाता वैभव गुप्ता, कानूनगो हरीशचंद, लेखपाल सतेंद्र सिंह, विशाल गुप्ता, रमेश सिंह, राजकुमार, राहुल, धर्मवीर आदि मौजूद रहे।