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विचाराधीन बंदी की अस्पताल में मौत
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मथुरा। जेल में बंद टीबी के गंभीर रोगी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल मेें मौत हो गई। चोरी के मामले में जेल भेजा गया था। काफी दिन से टीबी की बीमारी से जूझ रहा था। उसने जेल प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं दी थी। जेल में बृहस्पतिवार को अचानक तबियत खराब होने पर उसे भर्ती करवाया गया था।
कोसीकलां निवासी ओम प्रकाश (३२) को बरसाना में हुई एक चोरी के मामले में २७ सितंबर २०२१ को जेल भेजा गया था। उसका मुकदमा एसीजेएम प्रथम की अदालत में चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम को करीब चार बजे उसकी तबियत खराब हुई। जानकारी मिलते ही जेल चिकित्सक ने उसका प्राथमिक इलाज किया।
हालत ठीक न होने पर शाम 6 बजकर 10 मिनट पर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां पर शाम 6:३० बजे उसने दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी उसके परिजनों को दी। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि वह टीबी का गंभीर रोगी था। इसकी जानकारी उसने नहीं दी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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ओम प्रकाश छठवीं दफा आया था जेल
ओमप्रकाश इस बार छठवीं दफा चोरी के मामले में जेल आया था। इस बार बरसाना पुलिस ने उसे जेल भेजा था। इससे पूर्व वह राजस्थान डींग पुलिस ने चोरी के मामले में जेल भेजा था। बंदी ओमप्रकाश की मौत के बाद जब उसकी मां द्रोपा और पत्नी प्रीति शव लेने आए तो पत्नी ने बताया कि ओम प्रकाश काफी दिन से टीबी की बीमारी से ग्रसित था। घर पर वह लगातार दवा लेता था। जे में कोई जानकारी क्यों नहीं दी यह उसे नहीं पता है।
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कोसीकलां निवासी ओम प्रकाश (३२) को बरसाना में हुई एक चोरी के मामले में २७ सितंबर २०२१ को जेल भेजा गया था। उसका मुकदमा एसीजेएम प्रथम की अदालत में चल रहा था। बृहस्पतिवार शाम को करीब चार बजे उसकी तबियत खराब हुई। जानकारी मिलते ही जेल चिकित्सक ने उसका प्राथमिक इलाज किया।
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हालत ठीक न होने पर शाम 6 बजकर 10 मिनट पर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां पर शाम 6:३० बजे उसने दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी उसके परिजनों को दी। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि वह टीबी का गंभीर रोगी था। इसकी जानकारी उसने नहीं दी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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ओम प्रकाश छठवीं दफा आया था जेल
ओमप्रकाश इस बार छठवीं दफा चोरी के मामले में जेल आया था। इस बार बरसाना पुलिस ने उसे जेल भेजा था। इससे पूर्व वह राजस्थान डींग पुलिस ने चोरी के मामले में जेल भेजा था। बंदी ओमप्रकाश की मौत के बाद जब उसकी मां द्रोपा और पत्नी प्रीति शव लेने आए तो पत्नी ने बताया कि ओम प्रकाश काफी दिन से टीबी की बीमारी से ग्रसित था। घर पर वह लगातार दवा लेता था। जे में कोई जानकारी क्यों नहीं दी यह उसे नहीं पता है।