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उच्च न्यायालय की अनुमति से पहले ही गोवर्धन रोड से पेड़ हटाए
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मथुरा। गोवर्धन रोड के चौड़ीकरण की प्रक्रिया में १४९२ पेड़ काटने की अनुमति से पहले ही यह रोड साफ नजर आने लगा है। चौड़ीकरण कर रही निर्माण एजेंसी ने कई स्थानों पर बाधा बन रहे पेड़ों को जेसीबी से हटा दिया है।
मथुरा-गोवर्धन मार्ग को फोरलेन में बदलने की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। इसमें १४९२ पेड़ काटने की अनुमति कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ने उच्चतम न्यायालय से मांगी है। इसके लिए दो दिन पहले सेवानिवृत्त तीन न्यायाधीशों की कमेटी ने संबंधित मार्ग का निरीक्षण किया है।
इसी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उच्चतम न्यायालय से पेड़ काटने की अनुमति प्राप्त होनी है। लेकिन, यह मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया पिछले कई माह से जारी है। इसमें अनेक स्थानों पर निर्माण कर रही एजेंसी ने पेड़ों को चौड़ीकरण के रास्ते से हटाना शुरू कर दिया है। रास्ते में आ रहे पेड़ों को जेसीबी से उखाड़ा जा रहा है। इस पर
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जिला गन्ना समिति के सदस्य एवं ब्रज अकादमी के अध्यक्ष दिलीप यादव ने चिंता जताई है। आरोप लगाया है की ठेकेदारों ने कटान की अनुमति आने से पहले ही अनेक स्थानों पर 10 से 15 फीट लंबे पेड़ उखाड़ दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि अनेक पौधे खड़े-खड़े सूख गए हैं। इससे 22 किलोमीटर लंबे गोवर्धन रोड के दोनों ओर अनेक स्थानों पर सड़क वीरान नजर आने लगी है। जेवी ग्रींस फाउंडेशन के अध्यक्ष जगराम भारतीय ने भी इस प्रक्रिया का विरोध किया है। अधिशाषी अभियंता संसवीर सिंह ने बताया कि जो पेड़ सूखे हुए हैं उन्हें ही हटाया गया है।
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मथुरा-गोवर्धन मार्ग को फोरलेन में बदलने की प्रक्रिया पर काम हो रहा है। इसमें १४९२ पेड़ काटने की अनुमति कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी ने उच्चतम न्यायालय से मांगी है। इसके लिए दो दिन पहले सेवानिवृत्त तीन न्यायाधीशों की कमेटी ने संबंधित मार्ग का निरीक्षण किया है।
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इसी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उच्चतम न्यायालय से पेड़ काटने की अनुमति प्राप्त होनी है। लेकिन, यह मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया पिछले कई माह से जारी है। इसमें अनेक स्थानों पर निर्माण कर रही एजेंसी ने पेड़ों को चौड़ीकरण के रास्ते से हटाना शुरू कर दिया है। रास्ते में आ रहे पेड़ों को जेसीबी से उखाड़ा जा रहा है। इस पर
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जिला गन्ना समिति के सदस्य एवं ब्रज अकादमी के अध्यक्ष दिलीप यादव ने चिंता जताई है। आरोप लगाया है की ठेकेदारों ने कटान की अनुमति आने से पहले ही अनेक स्थानों पर 10 से 15 फीट लंबे पेड़ उखाड़ दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि अनेक पौधे खड़े-खड़े सूख गए हैं। इससे 22 किलोमीटर लंबे गोवर्धन रोड के दोनों ओर अनेक स्थानों पर सड़क वीरान नजर आने लगी है। जेवी ग्रींस फाउंडेशन के अध्यक्ष जगराम भारतीय ने भी इस प्रक्रिया का विरोध किया है। अधिशाषी अभियंता संसवीर सिंह ने बताया कि जो पेड़ सूखे हुए हैं उन्हें ही हटाया गया है।