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Mathura News: एक ही छत के नीचे मिलेगा उपचार और कानूनी सहायता
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मथुरा। पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को अब एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय, पुलिस, विधिक सहायता, चिकित्सा एवं काउंिसलिंग की सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल में वन स्टॉप सेंटर (सखी) का निर्माण होगा। भवन निर्माण के बाद सिविल लाइन स्थित बाल सुधार गृह के पास चल रहा केंद्र यहां स्थानांतरित हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2015 से वन स्टॉप सेंटर की योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य था कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता, उपचार और काउंिसलिंग के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सिविल लाइन स्थित बाल सुधार गृह के पास तथा वृंदावन में चैतन्य विहार सौ फुटा रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेंटर की शुरुआत कर दी गई। वृंदावन में तो सेंटर अपने भवन में हैं, लेकिन सिविल लाइन स्थित केंद्र किराए की इमारत में संचालित हो रहा है। भवन बन जाने के बाद इसे जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा। सीएमएस मुकुंद बंसल ने बताया कि भवन निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया है। जिला अस्पताल में 15 गुणा 30 मीटर जमीन पर भवन का निर्माण होगा।
वन स्टॉप सेंटर से इस प्रकार लें मदद
ऐसी महिलाएं जो किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित हैं, वे जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, केंद्र प्रशासन या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से वन स्टॉप सेंटर (सखी) तक पहुंच सकती हैं। किन्ही कारणों से वन स्टॉप सेंटर तक नहीं पहुंच पातीं हैं तो हेल्प लाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकतीं हैं।
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सेंटर में मिलती है ये सहायता
आपातकालीन सहायता एवं बचाव, चिकित्सकीय सहायता, महिला को एफआईआर, डीआईआर, एनसीआर दर्ज करने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मनोवैज्ञानिक, सामाजिक परामर्श सलाह व सहायता, विधिक सलाह एवं परामर्श, आपातकालीन आश्रय सुविधा, वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
इन हिंसा पीड़ितों को मिलेगा आश्रय
घरेलु हिंसा, शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, एसिड अटैक, अनैतिक धंधा हेतु दबाव बनाना एवं अन्य किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान की जाएगी।
जिला अस्पताल में सेंटर निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर दी गई है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी जल्द ही भवन निर्माण कार्य शुरू कर सकती है।
मुकुंद बंसल, सीएमएस जिला अस्पताल
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केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2015 से वन स्टॉप सेंटर की योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य था कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता, उपचार और काउंिसलिंग के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद सिविल लाइन स्थित बाल सुधार गृह के पास तथा वृंदावन में चैतन्य विहार सौ फुटा रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेंटर की शुरुआत कर दी गई। वृंदावन में तो सेंटर अपने भवन में हैं, लेकिन सिविल लाइन स्थित केंद्र किराए की इमारत में संचालित हो रहा है। भवन बन जाने के बाद इसे जिला अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा। सीएमएस मुकुंद बंसल ने बताया कि भवन निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया है। जिला अस्पताल में 15 गुणा 30 मीटर जमीन पर भवन का निर्माण होगा।
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वन स्टॉप सेंटर से इस प्रकार लें मदद
ऐसी महिलाएं जो किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित हैं, वे जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, केंद्र प्रशासन या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से वन स्टॉप सेंटर (सखी) तक पहुंच सकती हैं। किन्ही कारणों से वन स्टॉप सेंटर तक नहीं पहुंच पातीं हैं तो हेल्प लाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकतीं हैं।
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सेंटर में मिलती है ये सहायता
आपातकालीन सहायता एवं बचाव, चिकित्सकीय सहायता, महिला को एफआईआर, डीआईआर, एनसीआर दर्ज करने में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मनोवैज्ञानिक, सामाजिक परामर्श सलाह व सहायता, विधिक सलाह एवं परामर्श, आपातकालीन आश्रय सुविधा, वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
इन हिंसा पीड़ितों को मिलेगा आश्रय
घरेलु हिंसा, शारीरिक हिंसा, यौन हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, एसिड अटैक, अनैतिक धंधा हेतु दबाव बनाना एवं अन्य किसी भी प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान की जाएगी।
जिला अस्पताल में सेंटर निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर दी गई है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी जल्द ही भवन निर्माण कार्य शुरू कर सकती है।
मुकुंद बंसल, सीएमएस जिला अस्पताल