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Mathura News: दस दिन में ही बंजर जमीन को दे दिया संक्रमणीय अधिकार
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मथुरा। बांगर क्षेत्र में ग्राम सभा की करोड़ों रुपये की बंजर जमीन को निजी हाथों में सौंपने के मामले में एडीएम प्रशासन ने जांच शुरू कर दिया। कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। मानकों को ताक पर रखकर जमीन को चंद दिनों में संक्रमणीय घोषित कर दिया। फिलहाल मामले में कई बिंदुओं पर जांच जारी है।
गोकुल निवासी शिकायतकर्ता किशोर कुमार सिंह ने एसडीएम महावन से शिकायत की, बताया कि गोकुल बांगर स्थित खसरा संख्या 45 सरकारी कागजों में बंजर दर्ज है। इस जमीन पर अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कोर्ट द्वारा जनवरी 2012 में ही यथास्थिति बनाए रखने का स्थाई आदेश दिया जा चुका है। इसके बावजूद 15 अगस्त को क्षेत्र के एक प्रधान प्रतिनिधि ने मौके पर जेसीबी मशीन उतार दी और जमीन समतल कर बाउंड्री खींचने का प्रयास किया गया।
जिस जमीन को बेचने का अधिकार (संक्रमणीय अधिकार) पाने के लिए कम से कम पांच साल का वैध कब्जा जरूरी होता है, लेकिन जिम्मेदारों ने महज 10 दिन के भीतर ये अधिकार दे दिया। 20 अप्रैल को जमीन असंक्रमणीय दर्ज हुई और 30 अप्रैल को ही इसे संक्रमणीय घोषित कर दिया गया, ताकि इसे बेचा जा सके। खेल सामने आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह के संज्ञान में आने के बाद एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार को जांच के निर्देश दिए हैं। एडीएम प्रशासन ने बताया है कि भूमि के सभी दस्तावेज देखे जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी।
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गोकुल निवासी शिकायतकर्ता किशोर कुमार सिंह ने एसडीएम महावन से शिकायत की, बताया कि गोकुल बांगर स्थित खसरा संख्या 45 सरकारी कागजों में बंजर दर्ज है। इस जमीन पर अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) कोर्ट द्वारा जनवरी 2012 में ही यथास्थिति बनाए रखने का स्थाई आदेश दिया जा चुका है। इसके बावजूद 15 अगस्त को क्षेत्र के एक प्रधान प्रतिनिधि ने मौके पर जेसीबी मशीन उतार दी और जमीन समतल कर बाउंड्री खींचने का प्रयास किया गया।
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जिस जमीन को बेचने का अधिकार (संक्रमणीय अधिकार) पाने के लिए कम से कम पांच साल का वैध कब्जा जरूरी होता है, लेकिन जिम्मेदारों ने महज 10 दिन के भीतर ये अधिकार दे दिया। 20 अप्रैल को जमीन असंक्रमणीय दर्ज हुई और 30 अप्रैल को ही इसे संक्रमणीय घोषित कर दिया गया, ताकि इसे बेचा जा सके। खेल सामने आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह के संज्ञान में आने के बाद एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार को जांच के निर्देश दिए हैं। एडीएम प्रशासन ने बताया है कि भूमि के सभी दस्तावेज देखे जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी।
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