{"_id":"f58d09875e8cf43eeec4478db2fd2ac0","slug":"traffic-month-start-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘चालान नहीं दुर्घटना कम करने का हो प्रयास’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘चालान नहीं दुर्घटना कम करने का हो प्रयास’
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 01 Nov 2015 06:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यातायात माह में चालान काटना नहीं रोड एक्सीडेंट कम करने के लिए प्रयास होना चाहिए। यातायात माह के शुभारंभ पर आयोजित गोष्ठी में जिलाधिकारी राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने ये आह्वान किया।
डीएम और एसएसपी ने कहा कि जब तक लोगों को यातायात नियमों की जानकारी नहीं होगी तब तक सड़क दुर्घटनाओं को कंट्रोल और कम करने में सफलता नहीं मिलेगी। आज हत्या और आपराधिक घटनाओं से कई गुना ज्यादा लोग रोड एक्सीडेंट में मरते हैं, जो जागरूकता की कमी की मुख्य वजह है।
कृष्णानगर में हाईवे स्थित एक होटल में आयोजित इस संगोष्ठी में डीएम ने कहा कि यातायात माह में एक आइडियल व्यवस्था को लागू करके देखना चाहिए कि वह कितनी सफल है।
विज्ञापन
यदि व्यवस्था सफल होती है तो वह पूरे वर्ष संचालित होनी चाहिए। आइडियल व्यवस्था के तीन कारक हो सकते हैं। अच्छा वाहन, अच्छी सड़क और अच्छा चालक।
उन्होंने एसपी ट्रैफिक से नवंबर माह में डीआईओएस के माध्यम से कक्षा 11 के ऊपर के छात्रों पर नियमों को प्रभावशाली ढंग से लागू कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि 20 ऐसे स्थानों को चिन्हित करें जहां सर्वाधिक एक्सीडेंट होते हैं।
उन स्थानों को एमवीडीए, नगर पालिका से सही कराया जाए। वृंदावन के रमणरेती चौराहे को एकल मार्ग व्यवस्था से संचालित किए जाने की योजना है। वहां सीसीटीवी कैमरा लगाए जा रहे हैं और पुलिस चौकी पर कंट्रोल रूम बन रहा है।
आगामी समय में गोकुल बैराज तिराहे पर यह प्रक्रिया स्थापित की जाएगी। अगले माह इस पर कार्य शुरू कर दिया जायेगा।
एसएसपी ने कहा कि यह ट्रैफिक सुधार की औपचारिक शुरुआत है। आगे सुझाव लेकर प्रभावशाली ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चालान काटने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना होता है।
वरिष्ठ पत्रकार एएस वाजपेई देशभक्त ने कहा कि कालेजों से इसकी शुरुआत की जानी चाहिए। अभिभावक नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए उपलब्ध करा देते हैं। इससे दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद जताया।
इस मौके पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा, एसपी सिटी शैलेश पांडेय, स्वैच्छिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
डीएम और एसएसपी ने कहा कि जब तक लोगों को यातायात नियमों की जानकारी नहीं होगी तब तक सड़क दुर्घटनाओं को कंट्रोल और कम करने में सफलता नहीं मिलेगी। आज हत्या और आपराधिक घटनाओं से कई गुना ज्यादा लोग रोड एक्सीडेंट में मरते हैं, जो जागरूकता की कमी की मुख्य वजह है।
विज्ञापन
कृष्णानगर में हाईवे स्थित एक होटल में आयोजित इस संगोष्ठी में डीएम ने कहा कि यातायात माह में एक आइडियल व्यवस्था को लागू करके देखना चाहिए कि वह कितनी सफल है।
विज्ञापन
यदि व्यवस्था सफल होती है तो वह पूरे वर्ष संचालित होनी चाहिए। आइडियल व्यवस्था के तीन कारक हो सकते हैं। अच्छा वाहन, अच्छी सड़क और अच्छा चालक।
उन्होंने एसपी ट्रैफिक से नवंबर माह में डीआईओएस के माध्यम से कक्षा 11 के ऊपर के छात्रों पर नियमों को प्रभावशाली ढंग से लागू कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि 20 ऐसे स्थानों को चिन्हित करें जहां सर्वाधिक एक्सीडेंट होते हैं।
उन स्थानों को एमवीडीए, नगर पालिका से सही कराया जाए। वृंदावन के रमणरेती चौराहे को एकल मार्ग व्यवस्था से संचालित किए जाने की योजना है। वहां सीसीटीवी कैमरा लगाए जा रहे हैं और पुलिस चौकी पर कंट्रोल रूम बन रहा है।
आगामी समय में गोकुल बैराज तिराहे पर यह प्रक्रिया स्थापित की जाएगी। अगले माह इस पर कार्य शुरू कर दिया जायेगा।
एसएसपी ने कहा कि यह ट्रैफिक सुधार की औपचारिक शुरुआत है। आगे सुझाव लेकर प्रभावशाली ढंग से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चालान काटने का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना होता है।
वरिष्ठ पत्रकार एएस वाजपेई देशभक्त ने कहा कि कालेजों से इसकी शुरुआत की जानी चाहिए। अभिभावक नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए उपलब्ध करा देते हैं। इससे दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद जताया।
इस मौके पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा, एसपी सिटी शैलेश पांडेय, स्वैच्छिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे।