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मुखराई के जंगल में मिले जंगली जानवर के पैरों के निशान
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मथुरा। मुखराई के जंगल में मिले जानवर के पद चिन्ह।
- फोटो : MATHURA
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राधाकुंड (मथुरा)। गांव मुखराई के जंगल में कोई हिंसक जानवर पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। वन विभाग की टीम द्वारा लगातार मुखराई, अड़ींग, राधाकुंड के जंगल पर नजर रखी जा रही है। हिंसक जानवर के पैरों के निशान भी कई जगह देखे गए हैं। जिससे गांव में दहशत का माहौल है। क्योंकि पिछले सप्ताह ही अड़ींग के जंगल में मिले तेंदुए को वन विभाग की टीम ने पकड़कर सहारनपुर के जंगल में छोड़ा है।
मुखराई के रामकिशन ने शनिवार की सुबह देखा कि दरवाजे पर बंधे बछड़े को कोई जंगली जानवर अपना शिकार बना चुका है। बछड़े का 80 प्रतिशत हिस्सा जंगली जानवर ने खा लिया था। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। इसकी सूचना वन विभाग के रेंजर मुकेश मीणा को दी गई।
वह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। जांच में उन्हें किसी हिंसक जानवर के पैरों के निशान मिले हैं। जिसकी जांच की जा रही है। वहीं वन विभाग के रेंजर बीएस परमार ने अपनी टीम के साथ मुखराई के जंगल में जंगली जानवर की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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मुखराई के रामकिशन ने शनिवार की सुबह देखा कि दरवाजे पर बंधे बछड़े को कोई जंगली जानवर अपना शिकार बना चुका है। बछड़े का 80 प्रतिशत हिस्सा जंगली जानवर ने खा लिया था। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त है। इसकी सूचना वन विभाग के रेंजर मुकेश मीणा को दी गई।
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वह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। जांच में उन्हें किसी हिंसक जानवर के पैरों के निशान मिले हैं। जिसकी जांच की जा रही है। वहीं वन विभाग के रेंजर बीएस परमार ने अपनी टीम के साथ मुखराई के जंगल में जंगली जानवर की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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