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Mathura News: लैपटॉप हैक कर ठगों ने मांगे 34 हजार
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मथुरा। साइबर ठगों ने लोगों को झांसे में लेकर उनके खाते खाली करने का नया मॉडल तैयार किया है। लैपटॉप स्क्रीन को पॉप अप के जरिये लॉक कर स्क्रीन खोलने के नाम पर मोटी रकम की मांग कर रहे हैं।
शुक्रवार को इस तरह की ठगी का मामला सामने आया। इसे पश्चिम उप्र का पहला मामला बताया जा रहा। साइबर सेल ने मामले को भांपते हुए लैपटॉप के महज तीन बटनों के सहारे पांच सेकंड में साइबर शातिरों के तिलिस्म को तोड़ दिया। पुलिस को गुरुग्राम-नोएडा से गैंग संचालित होने की जानकारी मिली है।
मूलरूप से बिहार के मधुबनी जिला निवासी सुरेंद्र कुमार मंडल हाल में जनकपुरी, दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वे पांच दिन पहले मथुरा घूमने आए। कालीदह के पास एक कमरा किराए पर लेकर उसमें ठहरे हैं। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार रात वह लैपटॉप पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा काम कर रहे थे। इसी दौरान एक वेबसाइट खोली, उसे खोलते ही एक पॉपअप आया। इसके बाद लैपटॉप की स्क्रीन पर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के नाम से वेब पेज खुल गया। उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन लैपटॉप का कोई भी बटन काम नहीं कर रहा था।
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यहां तक की बंद भी नहीं हो रहा था। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के नाम से वेब पेज पर एटीएम कार्ड की डिटेल मांगी गई और 33999 रुपये जमा करने के बाद ही लैपटॉप सुचारू होने का मैसेज स्क्रीन पर आया। रात में लैपटॉप को ऐसे ही छोड़ दिया।
शुक्रवार सुबह साइबर सेल पहुंचे। साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने लैपटॉप की स्क्रीन को देखते ही तत्काल कंट्रोल-अल्ट-डिलीट का बटन दबाया। तत्काल हैकरों के कब्जे से लैपटॉप मुक्त हो गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि इस प्रकार का मामला पहली बार सामने आया। गैंग के विषय में जानकारी निकाली गई तो सामने आया है कि यह नोएडा-गुरुग्राम से संचालित हो रहा है। टीम को और गहराई से पड़ताल के लिए लगाया है।
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शुक्रवार को इस तरह की ठगी का मामला सामने आया। इसे पश्चिम उप्र का पहला मामला बताया जा रहा। साइबर सेल ने मामले को भांपते हुए लैपटॉप के महज तीन बटनों के सहारे पांच सेकंड में साइबर शातिरों के तिलिस्म को तोड़ दिया। पुलिस को गुरुग्राम-नोएडा से गैंग संचालित होने की जानकारी मिली है।
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मूलरूप से बिहार के मधुबनी जिला निवासी सुरेंद्र कुमार मंडल हाल में जनकपुरी, दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वे पांच दिन पहले मथुरा घूमने आए। कालीदह के पास एक कमरा किराए पर लेकर उसमें ठहरे हैं। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार रात वह लैपटॉप पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा काम कर रहे थे। इसी दौरान एक वेबसाइट खोली, उसे खोलते ही एक पॉपअप आया। इसके बाद लैपटॉप की स्क्रीन पर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के नाम से वेब पेज खुल गया। उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन लैपटॉप का कोई भी बटन काम नहीं कर रहा था।
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यहां तक की बंद भी नहीं हो रहा था। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के नाम से वेब पेज पर एटीएम कार्ड की डिटेल मांगी गई और 33999 रुपये जमा करने के बाद ही लैपटॉप सुचारू होने का मैसेज स्क्रीन पर आया। रात में लैपटॉप को ऐसे ही छोड़ दिया।
शुक्रवार सुबह साइबर सेल पहुंचे। साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर जयवीर सिंह ने लैपटॉप की स्क्रीन को देखते ही तत्काल कंट्रोल-अल्ट-डिलीट का बटन दबाया। तत्काल हैकरों के कब्जे से लैपटॉप मुक्त हो गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि इस प्रकार का मामला पहली बार सामने आया। गैंग के विषय में जानकारी निकाली गई तो सामने आया है कि यह नोएडा-गुरुग्राम से संचालित हो रहा है। टीम को और गहराई से पड़ताल के लिए लगाया है।