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Chaitra Navratri 2024 Date: चैत्र नवरात्र कब से हो रहे शुरू 8 या 9 अप्रैल? बन रहे ये शुभ संयोग
Fri, 05 Apr 2024 04:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 04:49 PM IST
सार
Chaitra Navratri 2024: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र शुरू होते हैं। इस साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि में नवरात्रि 9 अप्रैल 2024 दिन मंगलवार से हो रही है। पहले दिन घटस्थापना के साथ पूरे नौ दिन मां दुर्गा की 9 शक्तियों की पूजा होती है।
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मां दुर्गा की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Chaitra Navratri 2024: चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल से आरंभ हो रहे हैं। इस बार चैत्र नवरात्र पर 30 साल बाद अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शश योग और अश्विनी नक्षत्र का सुंदर संयोग बन रहा है। इस वर्ष माता घोड़े की सवारी पर आ रही हैं।
नवरात्र में 9 दिनों तक आदिशक्ति मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। इस बार 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं। ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि इस चैत्र नवरात्र में बन रहे सर्वार्थ और अमृत सिद्ध योग की उपासना अक्षय फल देने वाली है। घट स्थापना 9 अप्रैल को सुबह 6:02 से लेकर 10:16 बजे तक और सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 बजे तक करना विशेष लाभदायक है। इस वर्ष माता की सवारी घोड़ा है।
ज्योतिषाचार्य आलोक ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र पर 30 साल बाद अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शश योग और अश्विनी नक्षत्र का सुंदर संयोग बनेगा। उस दिन अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:32 बजे से प्रारंभ होगा। इसके अलावा चैत्र नवरात्र के पहले दिन रेवती नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 7:32 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से अश्विनी नक्षत्र सुबह 7:32 बजे से अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 5:06 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य शरद ने बताया कि इसके अलावा चैत्र नवरात्र के पहले दिन चंद्रमा मीन राशि में सुबह 7:32 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से मेष राशि में विद्यमान होगा।
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मंगलवार को हो अश्विनी नक्षत्र तो बनता है अमृत सिद्धि योग
ज्योतिषाचार्य आलोक ने बताया कि यदि मंगलवार को अश्विनी नक्षत्र हो तो वह अमृत सिद्ध योग बनाता है। इस बार के नवरात्र में अश्विनी नक्षत्र के दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है। जिस दौरान सूर्य का मीन राशि में प्रवेश भी होगा ऐसा संयोग 30 साल बाद बन रहा है जो बहुत शुभ है।
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नवरात्र में 9 दिनों तक आदिशक्ति मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाती है। इस बार 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं। ज्योतिषाचार्य कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि इस चैत्र नवरात्र में बन रहे सर्वार्थ और अमृत सिद्ध योग की उपासना अक्षय फल देने वाली है। घट स्थापना 9 अप्रैल को सुबह 6:02 से लेकर 10:16 बजे तक और सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 बजे तक करना विशेष लाभदायक है। इस वर्ष माता की सवारी घोड़ा है।
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ज्योतिषाचार्य आलोक ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र पर 30 साल बाद अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शश योग और अश्विनी नक्षत्र का सुंदर संयोग बनेगा। उस दिन अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 07:32 बजे से प्रारंभ होगा। इसके अलावा चैत्र नवरात्र के पहले दिन रेवती नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 7:32 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से अश्विनी नक्षत्र सुबह 7:32 बजे से अगले दिन 10 अप्रैल को सुबह 5:06 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य शरद ने बताया कि इसके अलावा चैत्र नवरात्र के पहले दिन चंद्रमा मीन राशि में सुबह 7:32 मिनट तक रहेगा। उसके बाद से मेष राशि में विद्यमान होगा।
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मंगलवार को हो अश्विनी नक्षत्र तो बनता है अमृत सिद्धि योग
ज्योतिषाचार्य आलोक ने बताया कि यदि मंगलवार को अश्विनी नक्षत्र हो तो वह अमृत सिद्ध योग बनाता है। इस बार के नवरात्र में अश्विनी नक्षत्र के दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है। जिस दौरान सूर्य का मीन राशि में प्रवेश भी होगा ऐसा संयोग 30 साल बाद बन रहा है जो बहुत शुभ है।