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Mathura News: गार्डिंगयुक्त हाईटेंशन लाइन न होने से हादसे का अंदेशा
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मथुरा। कोसीकलां में हाईटेंशन लाइन के नीचे टूटी गार्डिंग।
- फोटो : mathura
नवीन गोयल
कोसीकलां। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिना गार्डिंगयुक्त निकले हाईटेंशन बिजली के तार खतरा बने हुए हैं। पूर्व में कई बार हाईटेंशन तार गिरने से लोगों की जान जा चुकी है। घरों व दुकानों में हाईटेंशन करंट दौड़ने से गंभीर हादसे हो चुके हैं, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
विद्युत विभाग द्वारा नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति के लिए 11 हजार केवी व 33 हजार केवी की हाईटेंशन लाइनों का जाल बिछाया गया है, जो मुख्य सड़कों व गली-मोहल्लों से होकर गुजरती हैं। विभाग द्वारा नियमत: हाईटेंशन लाइनों के बिछाने के समय ही इन लाइनों के नीचे दोनों विद्युत खंभों के बीच में निर्धारित दूरी के अंतराल पर एक या डेढ़ फुट नीचे गार्डिंग वायर लगाई जाती है।
इसके टूटने या गिरने पर बदलने का भी प्रावधान रखा गया है। लेकिन, नगर में बहुत से स्थानों पर गार्डिंग वायर टूटने या गिरने पर वर्षों से नहीं बदली जा सकी हैं, जिसकी वजह से गंभीर हादसे होते रहते हैं। पुरानी जीटी रोड, अग्रसेन मार्ग, लालाराम मार्ग, भगवती रोड, कमला नगर आदि बहुत से स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों के नीचे गार्डिंग वायर नहीं लगे हैं। कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों की गार्डिंग वायर टूटकर जमीन पर पड़ी हुई है। फिर भी विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। संवाद
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हाईटेंशन लाइनों की जहां भी गार्डिंग नहीं है, उनके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा और इसे आवश्यक रूप से करवाया जाएगा। अनूप गौड़, अवर अभियंता, कोसीकलां
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कोसीकलां। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिना गार्डिंगयुक्त निकले हाईटेंशन बिजली के तार खतरा बने हुए हैं। पूर्व में कई बार हाईटेंशन तार गिरने से लोगों की जान जा चुकी है। घरों व दुकानों में हाईटेंशन करंट दौड़ने से गंभीर हादसे हो चुके हैं, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
विद्युत विभाग द्वारा नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों को विद्युत आपूर्ति के लिए 11 हजार केवी व 33 हजार केवी की हाईटेंशन लाइनों का जाल बिछाया गया है, जो मुख्य सड़कों व गली-मोहल्लों से होकर गुजरती हैं। विभाग द्वारा नियमत: हाईटेंशन लाइनों के बिछाने के समय ही इन लाइनों के नीचे दोनों विद्युत खंभों के बीच में निर्धारित दूरी के अंतराल पर एक या डेढ़ फुट नीचे गार्डिंग वायर लगाई जाती है।
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इसके टूटने या गिरने पर बदलने का भी प्रावधान रखा गया है। लेकिन, नगर में बहुत से स्थानों पर गार्डिंग वायर टूटने या गिरने पर वर्षों से नहीं बदली जा सकी हैं, जिसकी वजह से गंभीर हादसे होते रहते हैं। पुरानी जीटी रोड, अग्रसेन मार्ग, लालाराम मार्ग, भगवती रोड, कमला नगर आदि बहुत से स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों के नीचे गार्डिंग वायर नहीं लगे हैं। कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों की गार्डिंग वायर टूटकर जमीन पर पड़ी हुई है। फिर भी विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं है। संवाद
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हाईटेंशन लाइनों की जहां भी गार्डिंग नहीं है, उनके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा और इसे आवश्यक रूप से करवाया जाएगा। अनूप गौड़, अवर अभियंता, कोसीकलां