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लेखापालों व कानूनगो की टीम चारागाह की भूमि को नहीं करा सकी मुक्त
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फरह। ब्लॉक के गांव झंडीपुर में चारागाह की भूमि लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है। लाख प्रयासों के बाद भी लेखपालों व कानूनगो की टीम आज तक इस भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नहीं करा सकी है।
गांव में 250 एकड़ चारागाह भूमि संरक्षित है। 2016 में गांव पंचायत ने जमीन को वन विभाग को पांच वर्ष के लिए लीज पर दे दिया था। वन विभाग ने सघन पौधरोपण कर कांटेदार तार फेंसिंग करा दी। उस समय तत्कालीन प्रधान फौरन सिंह के प्रयासों से एसडीएम चांदनी सिंह ने खुद मौके पर पहुंच कर चारागाह की 250 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था।
वन विभाग की 2021 में लीज समाप्त होते ही आसपास के किसानों ने तार फेंसिंग तोड़ कर भूमि पर पुन: कब्जा कर लिया। पेड़ भी काट डाले। पूर्व प्रधान फौरन सिंह ने 10 मई को पुन: एसडीएम सदर से शिकायत की और कहा कि दो किसानों ने चारागाह जमीन की चार एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। उनके खेत के गाटा संख्या की जमीन यमुना के कटान में समा गई है।
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नजीर नक्शा इस बात का सबूत है। शिकायत पर एसडीएम सदर प्रशांत नागर ने लेखपालों और कानूनगो की टीम पैमाइश के लिए गठित की। टीम बीते दिन गांव पहुंची। पूरे दिन नाप जोख में लगे रहने के बाद भी जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा सकी। पूर्व प्रधान फौरन सिंह का कहना है कि टीम के सदस्यों ने पहले ही अतिक्रमणकारियों से सांठगांठ कर ली थी। उसने एसडीएम से पूर्व टीम की मांग की थी। लेखपालों की मनमानी से कस्बावासी भी परेशान हैं।
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गांव में 250 एकड़ चारागाह भूमि संरक्षित है। 2016 में गांव पंचायत ने जमीन को वन विभाग को पांच वर्ष के लिए लीज पर दे दिया था। वन विभाग ने सघन पौधरोपण कर कांटेदार तार फेंसिंग करा दी। उस समय तत्कालीन प्रधान फौरन सिंह के प्रयासों से एसडीएम चांदनी सिंह ने खुद मौके पर पहुंच कर चारागाह की 250 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था।
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वन विभाग की 2021 में लीज समाप्त होते ही आसपास के किसानों ने तार फेंसिंग तोड़ कर भूमि पर पुन: कब्जा कर लिया। पेड़ भी काट डाले। पूर्व प्रधान फौरन सिंह ने 10 मई को पुन: एसडीएम सदर से शिकायत की और कहा कि दो किसानों ने चारागाह जमीन की चार एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। उनके खेत के गाटा संख्या की जमीन यमुना के कटान में समा गई है।
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नजीर नक्शा इस बात का सबूत है। शिकायत पर एसडीएम सदर प्रशांत नागर ने लेखपालों और कानूनगो की टीम पैमाइश के लिए गठित की। टीम बीते दिन गांव पहुंची। पूरे दिन नाप जोख में लगे रहने के बाद भी जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा सकी। पूर्व प्रधान फौरन सिंह का कहना है कि टीम के सदस्यों ने पहले ही अतिक्रमणकारियों से सांठगांठ कर ली थी। उसने एसडीएम से पूर्व टीम की मांग की थी। लेखपालों की मनमानी से कस्बावासी भी परेशान हैं।