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Mathura News: ड्यूटी से नदारद गुरुजी पर कसा शिकंजा, वेतन रोका
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मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिले भर में हाल ही में औचक निरीक्षण अभियान के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद मिले 132 शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन व मानदेय रोक दिया गया है।
विभाग की ओर से 21 अप्रैल से 20 मई 2026 के बीच पूरे जिले के परिषदीय विद्यालयों में निरीक्षण अभियान चलाया गया था। इस एक महीने के दौरान अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने जब स्कूलों का जमीनी हकीकत जानने के लिए रुख किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि कुल 132 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले, जिन्होंने छुट्टी के लिए कोई आवेदन भी नहीं किया था। विभाग की इस कार्रवाई की जद में ग्रामीण से लेकर नगर क्षेत्र तक के विद्यालय आए हैं। इनमें बलदेव, छाता, फरह, गोवर्धन, मांट, मथुरा, नंदगांव, नौहझील और राया ब्लॉक के विद्यालय शामिल हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जो शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल से नदारद थे और जिन्होंने ऑनलाइन प्रेरणा मॉड्यूल पर अपना कोई अवकाश भी दर्ज नहीं कराया था, केवल उन्हीं को चिन्हित कर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
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विभाग की ओर से 21 अप्रैल से 20 मई 2026 के बीच पूरे जिले के परिषदीय विद्यालयों में निरीक्षण अभियान चलाया गया था। इस एक महीने के दौरान अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने जब स्कूलों का जमीनी हकीकत जानने के लिए रुख किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि कुल 132 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले, जिन्होंने छुट्टी के लिए कोई आवेदन भी नहीं किया था। विभाग की इस कार्रवाई की जद में ग्रामीण से लेकर नगर क्षेत्र तक के विद्यालय आए हैं। इनमें बलदेव, छाता, फरह, गोवर्धन, मांट, मथुरा, नंदगांव, नौहझील और राया ब्लॉक के विद्यालय शामिल हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जो शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल से नदारद थे और जिन्होंने ऑनलाइन प्रेरणा मॉड्यूल पर अपना कोई अवकाश भी दर्ज नहीं कराया था, केवल उन्हीं को चिन्हित कर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
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