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Mathura News: व्यवस्था फिर हारी, चहारदीवारी में 59 हरे पेड़ों पर चली आरी
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मथुरा। जमीन के सौदागरों के सामने एक बार फिर व्यवस्था हार गई। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में आगरा-दिल्ली हाईवे पर चौमुहां के पास चहारदीवारी में 59 हरे पेड़ों पर आरी चला दी गई। वन विभाग को जानकारी मिलने के बाद टीम ने पहुंचकर कटे हुए पेड़ों को खोज निकाला। वन रक्षक की तहरीर पर जैंत थाने में मुंबई निवासी भूमि मालिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
टीटीजेड क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट ने हरे पेड़ों के काटने और उनकी छंटाई करने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। इसी क्षेत्र में शामिल हाईवे पर चौमुहां के जैंत थाना क्षेत्र में करीब साढ़े 11 एकड़ के एक भूखंड पर हरे पेड़ों को काट दिया गया। कुछ माह पहले तक यह भूखंड खाली पड़ा था। करीब चार माह पहले इस भूमि पर टिनशेड की चहारदीवारी बनाकर गेट लगा दिया गया। इसके बाद से इस भूमि पर किसी का प्रवेश नहीं था। सोमवार रात को वन विभाग को सूचना मिली कि इस भूखंड पर पेड़ काटे जा रहे हैं। रात में ही वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ब्रजेश परमार मौके पर पहुंचे, लेकिन गेट पर ताला लगा होने के चलते वह अंदर दाखिल नहीं हो सके।
सुबह 11 बजे के करीब वह दोबारा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां उन्हें टिनशेड की चहारदीवारी में एक खिड़की खुली नजर आई। खिड़की से टीम अंदर दाखिल हुई तो उसे पहले तो कुछ नहीं मिला। भूमि पर पेड़ों के साथ ही झाड़ियां भी खड़ी होने के कारण कटे हुए पेड़ नजर नहीं आ रहे थे। करीब दो घंटे तक पूरी भूमि की छानबीन के बाद पीछे की तरफ निजी विश्वविद्यालय की दीवार के किनारे कटे हुए हरे पेड़ मिल गए। टीम ने गिनती की तो कुल 59 हरे पेड़ कटे हुए मिले। इसमें बेर, जूली फ्लोरा, शीशम और नीम के पेड़ शामिल थे। इसके अलावा कुछ झाड़ियां भी काटी गई थीं।
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जांच में हरे पेड़ों के कटान की पुष्टि होने के बाद वन रक्षक प्रताप सिंह की ओर से जैंत थाने में मुंबई के पाली वेस्ट निवासी निरंजन बुहावी और अर्जुन बुहावी के अलावा दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने वृक्ष संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन और टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरे पेड़ों के कटान पर पाबंदी के बावजूद पेड़ काटे जाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पांच साल है काटे गए पेड़ों की आयु
वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ब्रजेश परमार ने बताया कि काटे गए हरे पेड़ों की आयु बहुत अधिक नहीं है। अनुमान के अनुसार काटे गए हरे पेड़ तीन साल से लेकर पांच साल तक की आयु के हैं।
दो दिन पहले वायरल हुआ था वीडियो
इसी भूमि पर झाड़ियां काटने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो किसी निर्माणाधीन भवन से बनाया गया था। हालांकि इसमें कुछ स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। वहीं 20 दिन पहले भी हरे पेड़ काटे जाने की सूचना पर तत्कालीन वन क्षेत्राधिकारी ने भूमि मालिकों को नोटिस जारी किया था, लेकिन इसके बाद सड़क हादसे में उनकी मृत्यु होने के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
भूमि पर लगे सभी पेड़ों की आज होगी गिनती
वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ब्रजेश परमार ने बताया कि हाईवे स्थित जिस साढ़े 11 एकड़ भूमि पर हरे पेड़ काटे गए हैं, उस पर लगे सभी पेड़ों की गिनती कराई जाएगी। बुधवार से वन विभाग की एक टीम यही कार्य करेगी। पेड़ों की गिनती होने के बाद अगर कोई पेड़ गुपचुप तरीके से भी काटा जाता है तो उसे छिपाया नहीं जा सकेगा।
हाईवे पर चौमुहां के पास स्थित एक भूमि पर हरे पेड़ काटे जाने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ने टीम के साथ मौके पर जांच की थी। जांच में 59 हरे पेड़ काटने का मामला सामने आया है। वन रक्षक की ओर से भूमि मालिकों के विरुद्ध जैंत थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-रजनीकांत मित्तल, डीएफओ
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टीटीजेड क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट ने हरे पेड़ों के काटने और उनकी छंटाई करने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। इसी क्षेत्र में शामिल हाईवे पर चौमुहां के जैंत थाना क्षेत्र में करीब साढ़े 11 एकड़ के एक भूखंड पर हरे पेड़ों को काट दिया गया। कुछ माह पहले तक यह भूखंड खाली पड़ा था। करीब चार माह पहले इस भूमि पर टिनशेड की चहारदीवारी बनाकर गेट लगा दिया गया। इसके बाद से इस भूमि पर किसी का प्रवेश नहीं था। सोमवार रात को वन विभाग को सूचना मिली कि इस भूखंड पर पेड़ काटे जा रहे हैं। रात में ही वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ब्रजेश परमार मौके पर पहुंचे, लेकिन गेट पर ताला लगा होने के चलते वह अंदर दाखिल नहीं हो सके।
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सुबह 11 बजे के करीब वह दोबारा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां उन्हें टिनशेड की चहारदीवारी में एक खिड़की खुली नजर आई। खिड़की से टीम अंदर दाखिल हुई तो उसे पहले तो कुछ नहीं मिला। भूमि पर पेड़ों के साथ ही झाड़ियां भी खड़ी होने के कारण कटे हुए पेड़ नजर नहीं आ रहे थे। करीब दो घंटे तक पूरी भूमि की छानबीन के बाद पीछे की तरफ निजी विश्वविद्यालय की दीवार के किनारे कटे हुए हरे पेड़ मिल गए। टीम ने गिनती की तो कुल 59 हरे पेड़ कटे हुए मिले। इसमें बेर, जूली फ्लोरा, शीशम और नीम के पेड़ शामिल थे। इसके अलावा कुछ झाड़ियां भी काटी गई थीं।
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जांच में हरे पेड़ों के कटान की पुष्टि होने के बाद वन रक्षक प्रताप सिंह की ओर से जैंत थाने में मुंबई के पाली वेस्ट निवासी निरंजन बुहावी और अर्जुन बुहावी के अलावा दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने वृक्ष संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन और टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरे पेड़ों के कटान पर पाबंदी के बावजूद पेड़ काटे जाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पांच साल है काटे गए पेड़ों की आयु
वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ब्रजेश परमार ने बताया कि काटे गए हरे पेड़ों की आयु बहुत अधिक नहीं है। अनुमान के अनुसार काटे गए हरे पेड़ तीन साल से लेकर पांच साल तक की आयु के हैं।
दो दिन पहले वायरल हुआ था वीडियो
इसी भूमि पर झाड़ियां काटने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो किसी निर्माणाधीन भवन से बनाया गया था। हालांकि इसमें कुछ स्पष्ट नजर नहीं आ रहा था। वहीं 20 दिन पहले भी हरे पेड़ काटे जाने की सूचना पर तत्कालीन वन क्षेत्राधिकारी ने भूमि मालिकों को नोटिस जारी किया था, लेकिन इसके बाद सड़क हादसे में उनकी मृत्यु होने के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
भूमि पर लगे सभी पेड़ों की आज होगी गिनती
वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ब्रजेश परमार ने बताया कि हाईवे स्थित जिस साढ़े 11 एकड़ भूमि पर हरे पेड़ काटे गए हैं, उस पर लगे सभी पेड़ों की गिनती कराई जाएगी। बुधवार से वन विभाग की एक टीम यही कार्य करेगी। पेड़ों की गिनती होने के बाद अगर कोई पेड़ गुपचुप तरीके से भी काटा जाता है तो उसे छिपाया नहीं जा सकेगा।
हाईवे पर चौमुहां के पास स्थित एक भूमि पर हरे पेड़ काटे जाने की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी गोवर्धन ने टीम के साथ मौके पर जांच की थी। जांच में 59 हरे पेड़ काटने का मामला सामने आया है। वन रक्षक की ओर से भूमि मालिकों के विरुद्ध जैंत थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
-रजनीकांत मित्तल, डीएफओ