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Mathura News: गंगाजल प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का ''''विष''''
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मथुरा। मथुरा पुनर्गठन पेयजल योजना थ्रू गोकुल बैराज (गंगाजल प्रोजेक्ट) के तहत 29.91 करोड़ रुपये से हुए पाइप लाइन डालने और कृष्ण विहार व चंद्रपुरी में ओवरहेड टैंक बनाने के कार्य में भ्रष्टाचार की बू शुरुआत से आ रही थी। जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता ने कहा कि कृष्ण विहार पानी टंकी हादसे ने इस पर मुहर लगा दी। इस प्रोजेक्ट के तहत डाली गई पाइप लाइन शहर में जगह-जगह लीक हो रहीं हैं। सड़कों पर गंगाजल फैल रहा है। अभी इस प्रोजेक्ट के फेस-1 के कार्य को हैंडओवर हुए एक साल ही बीता है। चार इंच की पाइप लाइन के एक लीकेज पर 4500 रुपये और 24 इंच पाइप लाइन के लीकेज पर 20 हजार रुपये करीब का खर्च आ रहा है। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि पानी की तरह जनता का पैसा बहाया जा रहा है। प्रोजेक्ट में जिम्मेदारों ने घटिया पाइप लाइन का इस्तेमाल कर खूब भ्रष्टाचार किया है, जो कि अब सामने गया।
गंगाजल प्रोजेक्ट के जरिये मथुरा शहर क्षेत्र के लोगों को पीने के लिए शुद्ध मीठा जल उपलब्ध कराने का दावा किया गया। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा। आगरा के लिए गंगाजल की सप्लाई लेकर जा रही पाइप लाइन से जोड़कर बलदेव से मथुरा के लिए एक लाइन डाली गई। जल निगम की देखरेख में पूरा कार्य ठेका पाने वाली आगरा की फर्म एसएम कंस्ट्रक्शन के द्वारा किया गया। 2018-19 में शुरू हुआ यह कार्य 30 नवंबर 2021 को पूरा हुआ। 28 फरवरी 2022 से एसएम कंस्ट्रक्शन ने ट्रायल रन शुरू किया।
छह माह तक ट्रायल करने के बाद 16 जनवरी 2023 को प्रोजेक्ट को नगर निगम की विंग जलकल को हैंडओवर कर दिया। पूर्व पार्षद हेमंत अग्रवाल ने बताया कि जलकल द्वारा हैंडओवर लेने को साल ही बीता है। शहर की सड़कों पर जगह-जगह गंगाजल लीकेज के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि इतनी घटिया पाइप लाइन क्यों डाली गई, जो कि एक साल भी महज 25 एमएलडी पानी सप्लाई का दबाव नहीं झेल पा रही है।
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घटिया पाइप लाइन की क्यों की गई अनदेखी
पूर्व पार्षद राजेश सिंह पिंटू ने सवाल खड़ा किया है कि घटिया पाइप लाइन को आखिर अधिकारियों ने उस वक्त ही क्यों मंजूरी दी गई। मामला साफ है कि इसमें खूब भ्रष्टाचार हुआ है। अब इसकी पोल सबके सामने खुल गई है। चार इंच की पाइप लाइन के एक लीकेज को ठीक करने में 4500 रुपये और 24 इंच की पाइप लाइन के लीकेज को ठीक करने में 15 से 20 हजार रुपये का खर्च आता है। अब तक 250 से अधिक लीकेज हो चुके हैं। नगर आयुक्त को यह बताना चाहिए कि यह पैसा, जो खर्च किया जा रहा है, इसकी एवज में किस विकास कार्य में कटौती की जा रही है। इसके अलावा उस वक्त भारत सरकार की तकनीकी एजेंसी वेपकॉप्स द्वारा निरीक्षण किया गया था। डीएम की सीधी निगरानी रही थी। इन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इन क्षेत्रों में पहले चरण में डाली गई थी पाइप लाइन
चंद्रपुरी, धौली प्याऊ, नटवर नगर, द्वारिकापुरी, वेस्ट प्रताप नगर, शांति नगर, बलदेव पुरी, राधिका विहार आंशिक
गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत डाली गई पाइप लाइन में जगह-जगह हुए लीकेज को ठीक करने पर नगर निगम ने जनवरी 2023 से अब तक कितना रुपया खर्च किया। इसका ब्योरा पेश करें। इसमें बढ़ा भ्रष्टाचार हुआ है।
- तेजवीर, पार्षद वार्ड-54
चंद्रपुरी पानी की टंकी भी हो सकती है धराशायी
मथुरा। मथुरा पुनर्गठन पेयजल योजना अंतर्गत 29.91 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट में शामिल चंद्रपुरी पार्क में बना ओवरहेड टैंक और क्षेत्र में बिछाई गई पाइपलाइन एक साल बाद ही दम तोड़ गई। पानी की टंकी और पाइपलाइन में लीकेज की समस्या निरंतर सामने आ रही है। इसके समाधान के लिए क्षेत्रीय लोग शिकायत करके हार गए हैं, लेकिन अफसर सुनने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिलाधिकारी पोर्टल पर शिकायत करना भी कारगर साबित नहीं हो सका है। लोगों की मानें तो यह टंकी कभी भी हादसे का सबब बन सकती है।
2019 में अटल नवीनीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत) के अंतर्गत मथुरा पुनर्गठन पेयजल योजना में 29.91 करोड़ की योजना पर काम शुरू हुआ। इसके तहत धौली प्याऊ जोन दो और मानस नगर जोन तीन में पेयजल संबंधी विभिन्न कार्यों पर काम शुरू हुआ। इसी में शामिल चंद्रपुरी ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन भी शामिल थी। ओवरहेड टैंक को कभी पूरा भरा नहीं गया है। इसे पूरी क्षमता के अनुरूप भरने से ही लीकेज शुरू हो जाती है। ऐसे में इसे 50 प्रतिशत ही भरा जाता है।
चंद्रपुरी, इंद्रपुरी, सूर्य नगर, भगवती नगर, प्रीति बिहार, शिवपुरी, चाणक्यपुरी में जलापूर्ति के लिए बनाई गई पाइप लाइन में भी लीकेज है। यह नई पाइप लाइन जगह-जगह टूट रही है। इससे इन क्षेत्रों में लोगों के घर तक क्षमता के अनुरूप पानी नही पहुंचता है। इसकी शिकायत कई बार क्षेत्र के पूर्व पार्षद सुभा चौधरी सहित विभिन्न लोगों ने की है। मगर, जल निगम और नगर निगम इसे लेकर गंभीर ही नहीं हैं।
बंद गई गई कृष्ण विहार कॉलोनी की बिजली
मथुरा। पानी की टंकी गिरने से हुए हादसे के बाद कृष्ण विहार कॉलोनी की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। मौके पर चार जनरेटर लगाकर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। जनरेटर चलाकर हाई मास्क और एलईडी लाइट से रोशनी की गई। मकानों की छतों पर लगी रेलिंग में एलईडी लाइट लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। रेस्क्यू टीम रात भर मलबे को हटाकर घायलों को बाहर निकालने में जुटी रही।
राज्यपाल से की प्रदेश सरकार बर्खास्तगी की मांग
मथुरा। पानी की टंकी के भरभरा कर गिरने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष भगवान सिंह वर्मा मौके पर पहुंचे उन्होंने क्षेत्र के लोगों सांत्वना दी। उन्होंने घटना में मृतकों पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शासन से इस घटना के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल से प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की भी मांग की है। जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि हादसे में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि एवं घायलों के लिए तुरंत इलाज प्रदान किया जाए। संवाद
क्षतिग्रस्त हुई पीएनजी लाइन, घरों में नहीं बना खाना
मथुरा। कृष्ण विहार में पानी की टंकी के मलबे ने अपनी चपेट में न सिर्फ घरों व वाहनों को अपनी चपेट में लिया। बल्कि इलाके में पड़ी इंटरनेट लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह रही कि पीएनजी (पाइप्ड एंड नेचुरल गैस) की लाइन को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे वहां गैस लीक होने लगी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद डीएम शैलेंद्र सिंह और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय से लोगों ने इसकी शिकायत की। डीएम ने तुरंत पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनी को फोन कर लाइन में पीएनजी सप्लाई बंद करने का आदेश दिया। पीएनजी की लाइन टूटने के कारण लोगों के घर की रसोई तक नहीं सुलग सकी। खाना तक नहीं बन सका। बच्चे भूख से बिलखने लगे। लोगों ने बाहर से खाना मंगवा कर अपना पेट भरा। इधर, इंटरनेट लाइन भी ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अपनों की कुशलक्षेम लेने के लिए दौड़े लोग
हादसे की जैसे-जैसे लोगों को जानकारी हुई। वह अपनों की कुशलक्षेम जानने के लिए कृष्ण विहार की ओर दौड़ पड़े। इस हादसे की सूचना आग की तरह शहर में फैल गई। लोगों को फोन, सोशल मीडिया के जरिये हादसे की जानकारी हुई। यहां रहने वाले जो स्थानीय लोग बाहर गए हुए थे। उन्होंने अपने परिजनों को फोन किया। हादसे की जानकारी लेने के साथ ही परिजनों का कुशलक्षेम लिया। इधर, भारी संख्या में यहां लोगों के आने के चलते बीएसए मार्ग पर जाम लग गया। एसएसपी ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए टीआई शौर्य कुमार की यहां ड्यूटी तय कर दी।
सांसद ने जताया दुख, बोलीं-पीएम से करूंगी शिकायत
मथुरा। कृष्ण विहार पानी टंकी हादसे को लेकर सांसद हेमा मालिनी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे की शिकायत वह पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से करेंगे। सीएम योगी से इस हादसे के संबंध में मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच होगी। मृतकों को परिजनों को इंसाफ मिलेगा। सांसद हेमा मालिनी ने हादसे पर खेद जताते हुए कहा कि उन्हें अपने प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा से इस हादसे की जानकारी हुई। पूरी रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी गई है।
इंसाफ के लिए लड़ूंगा लड़ाईः श्रीकांत
विधायक मथुरा शहर विधानसभा श्रीकांत शर्मा ने कहा कि हादसे की जांच कराई जाएगी। चाहें किसी भी स्तर का अधिकारी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह हादसा अत्यंत दुखद है। मृतकों और घायलों के परिजनों के साथ वह पूरी तरह खड़े हुए हैं। इंसाफ के लिए उनके साथ खड़े होकर लड़ाई लड़ेंगे।
दोषियों पर होगी कार्रवाईः मेयर
मेयर विनोद अग्रवाल ने कहा है कि इस हादसे की जांच होगी। इसमें जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पीड़ितों से मिलने पहुंचे नेता, जांच की मांग की
मथुरा। पानी की टंकी गिरने की जानकारी मिलते ही नेता, पीड़ितों से मिलने पहुंच गए। भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने जहां मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक राजेश चौधरी ने पानी की टंकी के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि स्थानीय पार्षद कई बार निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। विधायक ने कार्यदायी संस्था पर बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की मांग की है।
मलबा हटाने में घायल हुए कांग्रेस प्रत्याशी
कृष्ण विहार कॉलोनी में हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर और कांग्रेस प्रत्याशी रहे मुकेश धनगर पीड़ितों से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान मलबा हटाते समय मुकेश धनगर का हाथ चोटिल हो गया। पूर्व सी एल पी लीडर प्रदीप माथुर ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। मृतकों को एक करोड़ रुपये और घायलों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष प्रदान किए जाने की मांग की। गिरे हुए आवासों की पूर्ण मरम्मत व निर्माण के लिए भी सरकारी सहायता दिए जाने की मांग भी की। चाणक्य युवा संगठन ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। दोषियों पर एफआईआर कराए जाने की मांग की है।
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गंगाजल प्रोजेक्ट के जरिये मथुरा शहर क्षेत्र के लोगों को पीने के लिए शुद्ध मीठा जल उपलब्ध कराने का दावा किया गया। केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा। आगरा के लिए गंगाजल की सप्लाई लेकर जा रही पाइप लाइन से जोड़कर बलदेव से मथुरा के लिए एक लाइन डाली गई। जल निगम की देखरेख में पूरा कार्य ठेका पाने वाली आगरा की फर्म एसएम कंस्ट्रक्शन के द्वारा किया गया। 2018-19 में शुरू हुआ यह कार्य 30 नवंबर 2021 को पूरा हुआ। 28 फरवरी 2022 से एसएम कंस्ट्रक्शन ने ट्रायल रन शुरू किया।
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छह माह तक ट्रायल करने के बाद 16 जनवरी 2023 को प्रोजेक्ट को नगर निगम की विंग जलकल को हैंडओवर कर दिया। पूर्व पार्षद हेमंत अग्रवाल ने बताया कि जलकल द्वारा हैंडओवर लेने को साल ही बीता है। शहर की सड़कों पर जगह-जगह गंगाजल लीकेज के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि इतनी घटिया पाइप लाइन क्यों डाली गई, जो कि एक साल भी महज 25 एमएलडी पानी सप्लाई का दबाव नहीं झेल पा रही है।
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घटिया पाइप लाइन की क्यों की गई अनदेखी
पूर्व पार्षद राजेश सिंह पिंटू ने सवाल खड़ा किया है कि घटिया पाइप लाइन को आखिर अधिकारियों ने उस वक्त ही क्यों मंजूरी दी गई। मामला साफ है कि इसमें खूब भ्रष्टाचार हुआ है। अब इसकी पोल सबके सामने खुल गई है। चार इंच की पाइप लाइन के एक लीकेज को ठीक करने में 4500 रुपये और 24 इंच की पाइप लाइन के लीकेज को ठीक करने में 15 से 20 हजार रुपये का खर्च आता है। अब तक 250 से अधिक लीकेज हो चुके हैं। नगर आयुक्त को यह बताना चाहिए कि यह पैसा, जो खर्च किया जा रहा है, इसकी एवज में किस विकास कार्य में कटौती की जा रही है। इसके अलावा उस वक्त भारत सरकार की तकनीकी एजेंसी वेपकॉप्स द्वारा निरीक्षण किया गया था। डीएम की सीधी निगरानी रही थी। इन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
इन क्षेत्रों में पहले चरण में डाली गई थी पाइप लाइन
चंद्रपुरी, धौली प्याऊ, नटवर नगर, द्वारिकापुरी, वेस्ट प्रताप नगर, शांति नगर, बलदेव पुरी, राधिका विहार आंशिक
गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत डाली गई पाइप लाइन में जगह-जगह हुए लीकेज को ठीक करने पर नगर निगम ने जनवरी 2023 से अब तक कितना रुपया खर्च किया। इसका ब्योरा पेश करें। इसमें बढ़ा भ्रष्टाचार हुआ है।
- तेजवीर, पार्षद वार्ड-54
चंद्रपुरी पानी की टंकी भी हो सकती है धराशायी
मथुरा। मथुरा पुनर्गठन पेयजल योजना अंतर्गत 29.91 करोड़ की लागत वाले प्रोजेक्ट में शामिल चंद्रपुरी पार्क में बना ओवरहेड टैंक और क्षेत्र में बिछाई गई पाइपलाइन एक साल बाद ही दम तोड़ गई। पानी की टंकी और पाइपलाइन में लीकेज की समस्या निरंतर सामने आ रही है। इसके समाधान के लिए क्षेत्रीय लोग शिकायत करके हार गए हैं, लेकिन अफसर सुनने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जिलाधिकारी पोर्टल पर शिकायत करना भी कारगर साबित नहीं हो सका है। लोगों की मानें तो यह टंकी कभी भी हादसे का सबब बन सकती है।
2019 में अटल नवीनीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत) के अंतर्गत मथुरा पुनर्गठन पेयजल योजना में 29.91 करोड़ की योजना पर काम शुरू हुआ। इसके तहत धौली प्याऊ जोन दो और मानस नगर जोन तीन में पेयजल संबंधी विभिन्न कार्यों पर काम शुरू हुआ। इसी में शामिल चंद्रपुरी ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन भी शामिल थी। ओवरहेड टैंक को कभी पूरा भरा नहीं गया है। इसे पूरी क्षमता के अनुरूप भरने से ही लीकेज शुरू हो जाती है। ऐसे में इसे 50 प्रतिशत ही भरा जाता है।
चंद्रपुरी, इंद्रपुरी, सूर्य नगर, भगवती नगर, प्रीति बिहार, शिवपुरी, चाणक्यपुरी में जलापूर्ति के लिए बनाई गई पाइप लाइन में भी लीकेज है। यह नई पाइप लाइन जगह-जगह टूट रही है। इससे इन क्षेत्रों में लोगों के घर तक क्षमता के अनुरूप पानी नही पहुंचता है। इसकी शिकायत कई बार क्षेत्र के पूर्व पार्षद सुभा चौधरी सहित विभिन्न लोगों ने की है। मगर, जल निगम और नगर निगम इसे लेकर गंभीर ही नहीं हैं।
बंद गई गई कृष्ण विहार कॉलोनी की बिजली
मथुरा। पानी की टंकी गिरने से हुए हादसे के बाद कृष्ण विहार कॉलोनी की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। मौके पर चार जनरेटर लगाकर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। जनरेटर चलाकर हाई मास्क और एलईडी लाइट से रोशनी की गई। मकानों की छतों पर लगी रेलिंग में एलईडी लाइट लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। रेस्क्यू टीम रात भर मलबे को हटाकर घायलों को बाहर निकालने में जुटी रही।
राज्यपाल से की प्रदेश सरकार बर्खास्तगी की मांग
मथुरा। पानी की टंकी के भरभरा कर गिरने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष भगवान सिंह वर्मा मौके पर पहुंचे उन्होंने क्षेत्र के लोगों सांत्वना दी। उन्होंने घटना में मृतकों पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शासन से इस घटना के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल से प्रदेश सरकार की बर्खास्तगी की भी मांग की है। जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि हादसे में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि एवं घायलों के लिए तुरंत इलाज प्रदान किया जाए। संवाद
क्षतिग्रस्त हुई पीएनजी लाइन, घरों में नहीं बना खाना
मथुरा। कृष्ण विहार में पानी की टंकी के मलबे ने अपनी चपेट में न सिर्फ घरों व वाहनों को अपनी चपेट में लिया। बल्कि इलाके में पड़ी इंटरनेट लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह रही कि पीएनजी (पाइप्ड एंड नेचुरल गैस) की लाइन को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे वहां गैस लीक होने लगी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद डीएम शैलेंद्र सिंह और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय से लोगों ने इसकी शिकायत की। डीएम ने तुरंत पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनी को फोन कर लाइन में पीएनजी सप्लाई बंद करने का आदेश दिया। पीएनजी की लाइन टूटने के कारण लोगों के घर की रसोई तक नहीं सुलग सकी। खाना तक नहीं बन सका। बच्चे भूख से बिलखने लगे। लोगों ने बाहर से खाना मंगवा कर अपना पेट भरा। इधर, इंटरनेट लाइन भी ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अपनों की कुशलक्षेम लेने के लिए दौड़े लोग
हादसे की जैसे-जैसे लोगों को जानकारी हुई। वह अपनों की कुशलक्षेम जानने के लिए कृष्ण विहार की ओर दौड़ पड़े। इस हादसे की सूचना आग की तरह शहर में फैल गई। लोगों को फोन, सोशल मीडिया के जरिये हादसे की जानकारी हुई। यहां रहने वाले जो स्थानीय लोग बाहर गए हुए थे। उन्होंने अपने परिजनों को फोन किया। हादसे की जानकारी लेने के साथ ही परिजनों का कुशलक्षेम लिया। इधर, भारी संख्या में यहां लोगों के आने के चलते बीएसए मार्ग पर जाम लग गया। एसएसपी ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए टीआई शौर्य कुमार की यहां ड्यूटी तय कर दी।
सांसद ने जताया दुख, बोलीं-पीएम से करूंगी शिकायत
मथुरा। कृष्ण विहार पानी टंकी हादसे को लेकर सांसद हेमा मालिनी दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे की शिकायत वह पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से करेंगे। सीएम योगी से इस हादसे के संबंध में मुलाकात करेंगी। उन्होंने कहा कि हादसे की निष्पक्ष जांच होगी। मृतकों को परिजनों को इंसाफ मिलेगा। सांसद हेमा मालिनी ने हादसे पर खेद जताते हुए कहा कि उन्हें अपने प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा से इस हादसे की जानकारी हुई। पूरी रिपोर्ट अधिकारियों से मांगी गई है।
इंसाफ के लिए लड़ूंगा लड़ाईः श्रीकांत
विधायक मथुरा शहर विधानसभा श्रीकांत शर्मा ने कहा कि हादसे की जांच कराई जाएगी। चाहें किसी भी स्तर का अधिकारी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। यह हादसा अत्यंत दुखद है। मृतकों और घायलों के परिजनों के साथ वह पूरी तरह खड़े हुए हैं। इंसाफ के लिए उनके साथ खड़े होकर लड़ाई लड़ेंगे।
दोषियों पर होगी कार्रवाईः मेयर
मेयर विनोद अग्रवाल ने कहा है कि इस हादसे की जांच होगी। इसमें जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पीड़ितों से मिलने पहुंचे नेता, जांच की मांग की
मथुरा। पानी की टंकी गिरने की जानकारी मिलते ही नेता, पीड़ितों से मिलने पहुंच गए। भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने जहां मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक राजेश चौधरी ने पानी की टंकी के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि स्थानीय पार्षद कई बार निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। विधायक ने कार्यदायी संस्था पर बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की मांग की है।
मलबा हटाने में घायल हुए कांग्रेस प्रत्याशी
कृष्ण विहार कॉलोनी में हादसे की जानकारी मिलते ही जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा, पूर्व विधायक प्रदीप माथुर और कांग्रेस प्रत्याशी रहे मुकेश धनगर पीड़ितों से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान मलबा हटाते समय मुकेश धनगर का हाथ चोटिल हो गया। पूर्व सी एल पी लीडर प्रदीप माथुर ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। मृतकों को एक करोड़ रुपये और घायलों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष प्रदान किए जाने की मांग की। गिरे हुए आवासों की पूर्ण मरम्मत व निर्माण के लिए भी सरकारी सहायता दिए जाने की मांग भी की। चाणक्य युवा संगठन ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। दोषियों पर एफआईआर कराए जाने की मांग की है।