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Mathura News: स्कूल में बंधक लंगूर को वन विभाग ने कराया मुक्त
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मथुरा। शहर के महोली रोड स्थित एक स्कूल से वन विभाग ने अवैध रूप से बंधक बनाकर रखे लंगूर को मुक्त कराया है। वन विभाग ने स्कूल के चेयरमैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इधर, विभाग ने मामले को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर वन विभाग ने लंगूर को जंगल में छोड़ा है।
क्षेत्रीय वन रक्षा अधिकारी अतुल तिवारी ने बताया कि मुंबई की पेटा इंडिया एनजीओ ने शिकायत की थी कि महोली रोड स्थित प्रसाद पब्लिक स्कूल में एक लंगूर को बंधक बनाकर रखा है। जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय वन रक्षा अधिकारी अपने साथ वन दरोगा चंद्रमोहन, वन रक्षक योगेंद्र यादव के साथ स्कूल में पहुंच गए।
क्षेत्रीय वन रक्षा अधिकारी ने बताया कि लंगूर को मुक्त कराया गया। साथ ही स्कूल के चेयरमैन के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वन विभाग ने लंगूर के संरक्षण के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इस संबंध में स्कूल के वाइस चेयरमैन वासु अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों का उत्पात है। कई बार बंदर बच्चों पर हमला कर चुके हैं। साथ ही स्कूल में लगे पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए एक व्यक्ति से लंगूर किराए पर लिया था। वह सुबह लंगूर को लेकर आता और शाम को अपने साथ लेकर चला जाता। इसकी एवज में उसे महीने पर रुपये भी दिए जाते हैं। लंगूर को बंधक बनाकर रखने वाली बात गलत है।
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क्षेत्रीय वन रक्षा अधिकारी अतुल तिवारी ने बताया कि मुंबई की पेटा इंडिया एनजीओ ने शिकायत की थी कि महोली रोड स्थित प्रसाद पब्लिक स्कूल में एक लंगूर को बंधक बनाकर रखा है। जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय वन रक्षा अधिकारी अपने साथ वन दरोगा चंद्रमोहन, वन रक्षक योगेंद्र यादव के साथ स्कूल में पहुंच गए।
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क्षेत्रीय वन रक्षा अधिकारी ने बताया कि लंगूर को मुक्त कराया गया। साथ ही स्कूल के चेयरमैन के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम 1972 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वन विभाग ने लंगूर के संरक्षण के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इस संबंध में स्कूल के वाइस चेयरमैन वासु अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र में बंदरों का उत्पात है। कई बार बंदर बच्चों पर हमला कर चुके हैं। साथ ही स्कूल में लगे पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए एक व्यक्ति से लंगूर किराए पर लिया था। वह सुबह लंगूर को लेकर आता और शाम को अपने साथ लेकर चला जाता। इसकी एवज में उसे महीने पर रुपये भी दिए जाते हैं। लंगूर को बंधक बनाकर रखने वाली बात गलत है।
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