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Mathura News: जिला अस्पताल में सीधे हो रहे नौनिहालों के टेढ़े हाथ–पैर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Nov 2025 01:31 AM IST
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The district hospital is straightening the crooked limbs of infants
मथुरा। जिला अस्पताल में अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लब फुट द्वारा जन्मजात विकारों से जूझ रहे नौनिहालों के टेढ़े हाथ पैरों को सीधा किया जा रहा है। जिला अस्पताल में प्रत्येक बृहस्पतिवार को बच्चों के हाथ-पैर सीधे करने के लिए विशेष शिविर लगाया जाता है। इसमें जिला अस्पताल के सीएमएस अस्थि रोग विशेषज्ञ नौनिहालों की जांच और इलाज करते हैं।
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सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर आते हैं। जन्मजात टेढ़े हाथ-पैर (क्लबफुट) की समस्या से पीड़ित बच्चों का यहां निशुल्क और नियमित उपचार किया जा रहा है। इससे अब तक सैकड़ों नौनिहाल ठीक हो चुके हैं।
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उन्होंने बताया कि जन्म के शुरुआती महीनों में क्लब फुट का इलाज शुरू कर देने से बच्चे के हाथ-पैर सामान्य स्थिति में आ जाते हैं। वहीं इलाज में देरी से समस्या बढ़ सकती है और बच्चे को आगे चलकर चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में जन्मजात विकार वाले बच्चों के लिए प्रत्येक सप्ताह विशेष शिविर लगता है। चिकित्सक बच्चों को फॉलो अप में भी बुलाते हैं ताकि उनके हाथ-पैर का विकास सुचारू रूप से हो सके।
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सीएमएस डॉ.नीरज अग्रवाल ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि जन्म के बाद बच्चे के हाथ या पैर में टेढ़ापन दिखाई दे तो इंतजार न करें। तुरंत अस्पताल पहुंचें और जल्द उपचार शुरू कराएं। क्योंकि जितनी जल्दी उपचार शुरू होगा परिणाम उतने बेहतर और स्थायी होंगे।

दो चरणों में होता है नवजातों का इलाज
सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में प्रत्येक बृहस्पतिवार को फाउंडेशन के सदस्य आते हैं। वह नवजात को देखते हैं और उपचार के लिए तैयार करते हैं। इसके बाद जिला अस्पताल में नवजातों के टेढ़े हाथ-पैर पर प्लास्टर किया जाता है। इसके बाद सपोर्ट बेल्ट लगाई जाती है और हल्की फिजियोथैरेपी करके नौनिहालों को स्थायी राहत प्रदान की जाती है।
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