फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   The court ordered the Amin report of Idgah, the opposition said, reserved

Mathura News: अदालत ने दिया ईदगाह की अमीन रिपोर्ट का आदेश, विपक्षी ने कहा, रिजर्व किया

Thu, 30 Mar 2023 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Updated Thu, 30 Mar 2023 12:21 AM IST
विज्ञापन
The court ordered the Amin report of Idgah, the opposition said, reserved
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन से ईदगाह को हटाने संबंधी हिंदू सेना द्वारा दायर वाद में बुधवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ईदगाह के अमीन रिपोर्ट के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। पक्षकार विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता शैलेष दुबे के मुताबिक अदालत ने अमीन रिपोर्ट के आदेश किए हैं, जिसकी प्रति शुक्रवार को मिलेगी। वहीं, प्रतिवादीगण ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि आदेश को रिजर्व किया गया है, निर्णय अगली तारीख पर मिलेगा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 अप्रैल की तिथि तय की है।हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने 8 दिसंबर 2022 को सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय सोनिका वर्मा की अदालत में वाद दायर किया कि औरंगजेब ने ठाकुर केशवराय मंदिर को तोड़कर ईदगाह का निर्माण कराया था, जोकि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर मौजूद है। उसे हटाया जाए। पक्षकार ने मांग की कि ईदगाह की अमीन रिपोर्ट मंगाई जाए। अदालत ने इसी दिन ईदगाह की अमीन रिपोर्ट के आदेश भी कर दिए। इस आदेश के बाद विपक्षीगणों में उथल-पुथल मच गई और उन्होंने अदालत से मांग कि पहले उन्हें सुना जाए। सिविल जज सीनियर डिवीजन तृतीय की अदालत में ईदगाह पक्ष के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई चल रही थी कि पीठासीन अधिकारी का स्थानांतरण हो गया और सुनवाई रुक गई। बुधवार को यह केस सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट नीरज गोंड की अदालत में पहुंचा। पक्षकार के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने अमीन रिपोर्ट मंगाए जाने का आदेश कर दिया। ईदगाह के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि अदालत में उन्होंने अमीन रिपोर्ट का विराेध किया, जिसके बाद अदालत ने आदेश को रिजर्व कर लिया है।
विज्ञापन

प्रतिवादीगण के अधिवक्ता ने भी रखा पक्ष



केस में प्रतिवादी ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद आदि को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में पहुंंचने में थोड़ा विलंब हो गया था। सचिव ने बताया कि वह कुछ ही देर में अदालत पहुंंच गए थे और उन्होंने अदालत को बताया कि पूर्व में अदालत ने केस सुने जाने लायक है या नहीं है इस बिंदु पर बहस के आदेश किए थे और इसी बिंदु पर अब भी अदालत में सुनवाई होनी चाहिए। उनके अधिवक्ता नीरज शर्मा और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता जीपी निगम ने भी अपना पक्ष रखा। निगम ने बताया कि पक्षकार के अधिवक्ता ने गलत बहस की थी, जिसके बाद हमने अपना पक्ष रखा।
विज्ञापन

हिंदू महासभा ने दिया मौके पर मौजूद रहने के लिए प्रार्थना पत्र
मथुरा। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने हिंदू सेना के वाद में 8 दिसंबर 2022 में अमीन रिपोर्ट के आदेश होने के बाद मौके पर रहने संबंधी प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने मांग की है कि अमीन द्वारा जब ईदगाह पहुंचकर रिपोर्ट तैयार की जाए तो उस समय उनको वहां पर रहने की अनुमति दी जाए। हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष ईदगाह तथा मीना मस्जिद को हटाने संबंधी वाद में पक्षकार भी हैं। उन्होंने बताया कि यह अदालत का ऐतिहासिक और सही निर्णय है। वह इसका स्वागत करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महेन्द्र प्रताप सिंह का रिवीजन प्रार्थना पत्र हो चुका है खारिज
सुनवाई के बिंदु पर सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वारा किए गए आदेश 7 नियम 11 के आदेश के खिलाफ रिवीजन में गए श्री कृष्ण जन्मस्थान मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह का प्रार्थना पत्र एडीजे-षष्टम की अदालत द्वारा खारिज किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वह सिविल जज सीनियर डिवीजन के वाद में अमीन रिपोर्ट की मांग करेंगे।


हम कर चुके हैं अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश की प्रक्रिया पूरी-शैलेष दुबे
पक्षकार हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता शैलेष दुबे ने बताया कि पूर्व में सिविल जज सीनियर डिवीजन अदालत द्वारा किए गए अमीन रिपोर्ट संबंधी आदेश की वह सभी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। लिहाजा वह आदेश स्थगित नहीं था। इसी के चलते अदालत ने उनके प्रार्थना पत्र पर अमीन रिपोर्ट मंगाए जाने के आदेश किए हैं। प्रतिवादी श्री कृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल ने बताया कि पूर्व न्यायालय द्वारा ईदगाह के मौका मुआयना के आदेश पारित किए गए थे, जिसका अनुपालन नहीं हुआ और वह आदेश भी समाप्त नहीं हुआ। अगर न्यायालय द्वारा पूर्व आदेश का अनुपालन करने संबंधी आदेश पारित किया जाता है तो यह सभी पक्षकारों के हित मेें होगा और न्यायालय के समक्ष मौके की स्थिति आ जाएगी।



कौन से केस लंंबित और कब सुनवाई
- सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहाेत्री का केस- हाईकोर्ट से स्टे

- मनीष यादव केस में सुनवाई 17 अप्रैल को
- महेन्द्र प्रताप सिंह का रिविजन खारिज, अगली तारीख नहीं मिली
- महेन्द्र प्रताप सिंह विग्रह लाने संबंधी मामले में सुनवाई 31 मार्च को
- पवन शास्त्री के मामले में सुनवाई 28 अप्रैल को
- दिनेश शर्मा के वाद में सुनवाई 28 अप्रैल को
- दिनेश शर्मा मीना मस्जिद संबंधी वाद में सुनवाई एक अप्रैल को

- अनिल त्रिपाठी के वाद में सुनवाई 28 अप्रैल को
- जितेन्द्र विसेन के वाद में सुनवाई 28 अप्रैल को
- गोपाल गिरी के वाद में सुनवाई 9 मई को
- आशुतोष पांडेय के वाद में सुनवाई 31 मार्च को
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed