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Mathura News: सर्दी ने बढ़ाए कान, नाक और गले संबंधी बीमारी के मरीज
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मथुरा। सर्दी और ठंडी हवा ने कान, नाक और गले (साइनुसाइटिस) के मरीजों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में पिछले दस दिन में इस बीमार से ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम बदलने और प्रदूषण के कारण संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि ईएनटी ओपीडी में रोजाना 35 से 50 तक मरीज साइनुसाइटिस संबंधी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में यह संख्या 15 से 20 रहती है। मरीजों की नाक बंद होना, आंखों के पास दर्द, माथा भारी होना, चेहरे पर दबाव, बार-बार छींक व खांसी आना इसके लक्षण हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ पांडेय के मुताबिक ठंडी हवा सीधे नाक और कान को प्रभावित करती है। लापरवाही के चलते यह समस्या सिरदर्द में बदल सकती है। चिकित्सकों ने लोगों को सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने, धूल व प्रदूषण वाली जगहों से दूर रहने, भाप लेने, पर्याप्त पानी पीने तथा बगैर परामर्श एंटीबायोटिक न लेने की सलाह दी है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि ईएनटी ओपीडी में रोजाना 35 से 50 तक मरीज साइनुसाइटिस संबंधी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में यह संख्या 15 से 20 रहती है। मरीजों की नाक बंद होना, आंखों के पास दर्द, माथा भारी होना, चेहरे पर दबाव, बार-बार छींक व खांसी आना इसके लक्षण हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ पांडेय के मुताबिक ठंडी हवा सीधे नाक और कान को प्रभावित करती है। लापरवाही के चलते यह समस्या सिरदर्द में बदल सकती है। चिकित्सकों ने लोगों को सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने, धूल व प्रदूषण वाली जगहों से दूर रहने, भाप लेने, पर्याप्त पानी पीने तथा बगैर परामर्श एंटीबायोटिक न लेने की सलाह दी है।
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