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Mathura News: शहर से ज्यादा गांवों में बरसे मेघा, मौसम हुआ सुहाना
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मथुरा। नंदगांव में साढ़े चार घंटे तक बरसे बदरा।
- फोटो : mathura
मथुरा। ग्रामीण अंचल में बुधवार को सुबह से सायंकाल तक कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होती रही। इससे जहां मौसम खुशनुमा हो गया, वहीं जगह-जगह जलभराव से स्थानीय लोगों सहित श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नंदगांव में बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र को भिगो डाला। बारिश का यह सिलसिला दोपहर 12 बजे तक चला। शुरुआती दो घंटे तक बादलों ने जमकर पानी बरसाया, जिसके बाद रिमझिम बारिश ने वातावरण को नम बनाए रखा। तेज बारिश के चलते नालियां ओवरफ्लो हो गईं और पानी सड़क पर बहने लगा। कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कस्बे के कुंड और तालाब भी पानी से लबालब भर गए। किसानों के चेहरे बारिश से खिले नजर आए। बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा छा गया और स्कूलों में उपस्थिति भी कम रही।
छाता नगर व देहात में बारिश से विभिन्न स्थानों पर जल भराव हो गया। खेतों में पिछाई धान की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों चिंता बढ़ गई।बारिश से तहसील में दो फीट तक पानी भर गया। तहसील परिसर स्थित न्यायालय सिविल जज, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, नकल—खतौनी कंप्यूटर कक्ष, आपूर्ति कार्यालय, सरकारी कैंटीन सहित अधिवक्ताओं के चैंबरों में पानी भर गया। तहसील पहुंचे अधिवक्ता, कर्मचारी व लोग पानी से निकलते नजर आए। बार के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद चौधरी ने कहा कि तहसील परिसर से जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सतीश चंद शर्मा, नारायण सिंह आर्य, दुलीचंद, बच्चू सिंह, अवतार चौधरी आदि ने बताया कि बारिश से पिछाई धान की फसल के लिए नुकसानदायक है। वहीं राधाकुंड में बुधवार की सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। आस्था लिए लोग बारिश के बीच दंडवती परिक्रमा करते दिखाई दिए।
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नंदगांव में बुधवार को सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई बारिश ने पूरे क्षेत्र को भिगो डाला। बारिश का यह सिलसिला दोपहर 12 बजे तक चला। शुरुआती दो घंटे तक बादलों ने जमकर पानी बरसाया, जिसके बाद रिमझिम बारिश ने वातावरण को नम बनाए रखा। तेज बारिश के चलते नालियां ओवरफ्लो हो गईं और पानी सड़क पर बहने लगा। कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कस्बे के कुंड और तालाब भी पानी से लबालब भर गए। किसानों के चेहरे बारिश से खिले नजर आए। बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा छा गया और स्कूलों में उपस्थिति भी कम रही।
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छाता नगर व देहात में बारिश से विभिन्न स्थानों पर जल भराव हो गया। खेतों में पिछाई धान की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों चिंता बढ़ गई।बारिश से तहसील में दो फीट तक पानी भर गया। तहसील परिसर स्थित न्यायालय सिविल जज, क्षेत्राधिकारी कार्यालय, नकल—खतौनी कंप्यूटर कक्ष, आपूर्ति कार्यालय, सरकारी कैंटीन सहित अधिवक्ताओं के चैंबरों में पानी भर गया। तहसील पहुंचे अधिवक्ता, कर्मचारी व लोग पानी से निकलते नजर आए। बार के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद चौधरी ने कहा कि तहसील परिसर से जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सतीश चंद शर्मा, नारायण सिंह आर्य, दुलीचंद, बच्चू सिंह, अवतार चौधरी आदि ने बताया कि बारिश से पिछाई धान की फसल के लिए नुकसानदायक है। वहीं राधाकुंड में बुधवार की सुबह तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। आस्था लिए लोग बारिश के बीच दंडवती परिक्रमा करते दिखाई दिए।
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