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Mathura News: जिले की आबोहवा खराब, वायु गुणवत्ता सूचकांक 159 पर पहुंचा
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मथुरा। दिवाली बाद शहर का प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बीते दो दिन पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक 125 पर था लेकिन शुक्रवार को यह आंकड़ा 159 पर पहुंच गया है। वहीं संबंधित विभागों की तैयारियां अभी कागजों में ही चल रही हैं। ऐसे में गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए खतरा है।
जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को मथुरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 159 रिकॉर्ड किया गया। माना जा हा रहा है वायु प्रदूषण में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि 29 व 31 अक्तूबर को एक्यूआई 93-125 के बीच था फिर भी लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन सजग नहीं है। इसकी वजह ज्यादा मात्रा में पटाखे चलाए जाना माना जा रहा है। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
बढ़ते वायु प्रदूषण से खासकर सांस रोगियों को अधिक मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। एक्यूआई स्तर 150 से अधिक बढ़ने पर स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालेगा। लोगों को भी इस ओर जागरूक होने की जरूरत है।
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प्रदूषण स्तर रोकने में नाकाम जिला प्रशासन
पटाखे फोड़ने के साथ-साथ हाईवे से लेकर सर्विस रोड, सेक्टरों से लेकर सोसायटी तक सड़कों पर धूल ही धूल नजर आ रही है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ना स्वाभाविक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को दिवाली पूर्व ही गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। वायु प्रदूषण रोकने में सभी को मिलकर काम करना होता है। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पानी का छिड़काव शुरू कराएं इसके लिए पत्र लिखा गया है। बावजूद इसके जिला प्रशासन प्रदूषण स्तर रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।
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जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को मथुरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 159 रिकॉर्ड किया गया। माना जा हा रहा है वायु प्रदूषण में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि 29 व 31 अक्तूबर को एक्यूआई 93-125 के बीच था फिर भी लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन सजग नहीं है। इसकी वजह ज्यादा मात्रा में पटाखे चलाए जाना माना जा रहा है। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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बढ़ते वायु प्रदूषण से खासकर सांस रोगियों को अधिक मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। एक्यूआई स्तर 150 से अधिक बढ़ने पर स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालेगा। लोगों को भी इस ओर जागरूक होने की जरूरत है।
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प्रदूषण स्तर रोकने में नाकाम जिला प्रशासन
पटाखे फोड़ने के साथ-साथ हाईवे से लेकर सर्विस रोड, सेक्टरों से लेकर सोसायटी तक सड़कों पर धूल ही धूल नजर आ रही है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर बढ़ना स्वाभाविक है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को दिवाली पूर्व ही गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। वायु प्रदूषण रोकने में सभी को मिलकर काम करना होता है। सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पानी का छिड़काव शुरू कराएं इसके लिए पत्र लिखा गया है। बावजूद इसके जिला प्रशासन प्रदूषण स्तर रोकने में नाकाम साबित हो रहा है।