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मां की डांट से क्षुब्ध पिता के पास निकले बच्चे जंक्शन पर मिले
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मथुरा। चंडीगढ़ में मां के पास रह रहे 10-11 वर्ष के दो बच्चे मां की डांट से क्षुब्ध होकर पिता के पास जाने के लिए ट्रेन में सवार हो गए। मथुरा जंक्शन स्टेशन पर रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने उन्हें देखा। पूछताछ में मामला स्पष्ट होने पर पता चला कि माता-पिता अलग रहते हैं। दोनों ही बच्चों को लेने के लिए तैयार भी नहीं थे। तीन दिन बाद शुक्रवार को काफी समझाने के बाद दोनों आकर बच्चों को ले गए।
14 जुलाई को दो बच्चे प्लेट फार्म संख्या दो पर रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम को मिले। उन्होंने पूछताछ की तो पता चला कि दोनों बच्चे अपनी मां के पास से चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठे थे और मथुरा आने पर उतर गए। बच्चों ने बताया कि उनके पिता दिल्ली में अलग रहते हैं। मां ने उन्हें किसी बात पर डांट दिया था। इसके बाद वे ट्रेन में पिता के पास जा रहे थे। उन्हें यह भी पता नहीं था कि यह ट्रेन कहां जा रही है। जब रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने माता-पिता से बात की तो पता लगा कि मां चंडीगढ़ में किसी अस्पताल में काम करती हैं।
पिता दिल्ली में किसी फैक्टरी में कार्यरत हैं। दोनों में आपस में संबंध अच्छे नहीं हैं। यहां तक कि जब रेलवे चाइल्ड लाइन ने दोनों से बात की तो कोई भी बच्चों को लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। काफी समझाने के बाद शुक्रवार को माता-पिता मथुरा जंक्शन आए और सीडब्लूसी टीम के समक्ष बच्चों को उनके सुपर्द कर दिया गया। रेलवे चाइल्ड लाइन के कार्डीनेटर सईद अहमद ने बताया कि दोनों बच्चों को माता-पिता को सौंप दिया है।
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14 जुलाई को दो बच्चे प्लेट फार्म संख्या दो पर रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम को मिले। उन्होंने पूछताछ की तो पता चला कि दोनों बच्चे अपनी मां के पास से चंडीगढ़ से ट्रेन में बैठे थे और मथुरा आने पर उतर गए। बच्चों ने बताया कि उनके पिता दिल्ली में अलग रहते हैं। मां ने उन्हें किसी बात पर डांट दिया था। इसके बाद वे ट्रेन में पिता के पास जा रहे थे। उन्हें यह भी पता नहीं था कि यह ट्रेन कहां जा रही है। जब रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने माता-पिता से बात की तो पता लगा कि मां चंडीगढ़ में किसी अस्पताल में काम करती हैं।
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पिता दिल्ली में किसी फैक्टरी में कार्यरत हैं। दोनों में आपस में संबंध अच्छे नहीं हैं। यहां तक कि जब रेलवे चाइल्ड लाइन ने दोनों से बात की तो कोई भी बच्चों को लेने के लिए तैयार नहीं हुआ। काफी समझाने के बाद शुक्रवार को माता-पिता मथुरा जंक्शन आए और सीडब्लूसी टीम के समक्ष बच्चों को उनके सुपर्द कर दिया गया। रेलवे चाइल्ड लाइन के कार्डीनेटर सईद अहमद ने बताया कि दोनों बच्चों को माता-पिता को सौंप दिया है।
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