{"_id":"692b4cddd812ba393904af5a","slug":"the-chc-faces-a-severe-shortage-of-doctors-and-staff-leaving-patients-in-distress-mathura-news-c-369-1-mt11016-139133-2025-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: सीएचसी में चिकित्सक और स्टाफ की भारी कमी, मरीज बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: सीएचसी में चिकित्सक और स्टाफ की भारी कमी, मरीज बेहाल
विज्ञापन
मथुरा। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से मरीजों को प्राथमिक इलाज मिलने में मुश्किलें हो रही हैं। आलम यह है कि कई सीएचसी में तो दो से तीन डॉक्टरों की जगह केवल एक डॉक्टर पूरे दिन मरीजों की भीड़ संभालने को मजबूर है। इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ का भी अभाव है।
फरह सीएससी केंद्र पर चिकित्सकों के सात पद हैं। जिनमें से केवल तीन ही केंद्र पर तैनात हैं। चार पद कई महीनों से खाली हैं। इनमें एक बाल रोग विशेषज्ञ, एमडी फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। ऐसा ही हाल चौमुहां सीएचसी सेंटर का है। यहां भी सिर्फ तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। जबकि चार चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। छाता, राया और अन्य सीएचसी केंद्रों पर भी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से कतारें लग जाती हैं, लेकिन डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
कई बार डॉक्टर उपलब्ध न होने की वजह से गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। वहीं स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन और फार्मासिस्ट की कमी से जांच और दवाइयों के वितरण में भी देरी होती है। जिससे पीड़ितों की परेशानी और बढ़ जाती है। सीएचसी में सुविधाओं की कमी के कारण आम लोगों को इलाज के लिए शहर के बड़े अस्पतालों की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधाबल्लभ ने बताया कि सीएचसी पर चिकित्सकाें की कमी के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक इस संबंध में निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
फरह सीएससी केंद्र पर चिकित्सकों के सात पद हैं। जिनमें से केवल तीन ही केंद्र पर तैनात हैं। चार पद कई महीनों से खाली हैं। इनमें एक बाल रोग विशेषज्ञ, एमडी फिजीशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। ऐसा ही हाल चौमुहां सीएचसी सेंटर का है। यहां भी सिर्फ तीन चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। जबकि चार चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हैं। छाता, राया और अन्य सीएचसी केंद्रों पर भी चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से कतारें लग जाती हैं, लेकिन डॉक्टरों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
कई बार डॉक्टर उपलब्ध न होने की वजह से गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। वहीं स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन और फार्मासिस्ट की कमी से जांच और दवाइयों के वितरण में भी देरी होती है। जिससे पीड़ितों की परेशानी और बढ़ जाती है। सीएचसी में सुविधाओं की कमी के कारण आम लोगों को इलाज के लिए शहर के बड़े अस्पतालों की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधाबल्लभ ने बताया कि सीएचसी पर चिकित्सकाें की कमी के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक इस संबंध में निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
विज्ञापन