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शरदोत्सव पर ठाकुरजी के दिव्य दर्शन: बांकेबिहारी ने धारण किया रासेश्वर रूप, भक्तों की उमड़ी भारी भीड़

Sun, 25 Oct 2026 11:15 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 25 Oct 2026 11:15 AM IST
सार

वर्ष में एक बार शरदोत्सव पर होने वाले बांकेबिहारी के विशेष दर्शन के लिए रविवार को श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। वर्षभर में केवल एक दिन शरद पूर्णिमा के अवसर पर मुरली बजाते आराध्य की झलक पाने के लिए सुबह से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं का तांता लग गया।

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Huge crowds of devotees thronged Banke Bihari Temple on occasion of Sharadotsav
शरदोत्सव पर बांकेबिहारी के दर्शन को उमड़ी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शरदोत्सव और शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष में एक बार होने वाले दुर्लभ दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ठाकुरजी ने श्वेत रंग की जड़ित पोशाक, मोरमुकुट और मुरली धारण कर ‘रासेश्वर’ के रूप में अपने भक्तों को अलौकिक दर्शन दिए, जिन्हें पाकर श्रद्धालु आनंद से झूम उठे।
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श्वेत पिछवाई और स्वर्ण-रजत सिंहासन पर विराजे आराध्य
शरदोत्सव के विशेष अवसर पर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के जगमोहन को मनमोहक सफेद रंग की पिछवाई से सजाया गया था। मध्य भाग में ठाकुर रासेश्वर श्रीबांकेबिहारी सोने और चांदी से जड़ित सिंहासन पर विराजमान हुए। उनके दोनों ओर चांदी की गोपियां सुशोभित थीं। लता-पताओं के मध्य गोपियों के साथ रास मुद्रा में विराजमान आराध्य के सिर पर मोरमुकुट, चांदी की मुरली और कमर पर लकुटी (छोटी छड़ी) सुसज्जित थी। भक्तों ने अपने लाडले आराध्य को चांदी की मुरली और लकुटी अर्पित कर अपना स्रेह और लाड प्रकट किया। मंदिर परिसर लगातार गूंजते जयकारों से गुंजायमान रहा।
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Huge crowds of devotees thronged Banke Bihari Temple on occasion of Sharadotsav
भक्तों की उमड़ी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भोर से ही जुटने लगी थी भारी भीड़
वर्षभर में केवल एक दिन शरद पूर्णिमा के अवसर पर मुरली बजाते आराध्य की एक झलक पाने के लिए सुबह भोर (तड़के) से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। जैसे ही मंदिर के पट खुले, भक्तों का रेला तेजी से प्रांगण में प्रवेश कर गया। आराध्य की एक झलक पाते ही पूरा मंदिर परिसर 'बांकेबिहारी लाल की जय' के उद्घोष से गूंज उठा।

सुरक्षा और व्यवस्था के रहे कड़े इंतजाम
हजारों श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सकें, इसके लिए मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने विशेष प्रबंध किए। रेलिंग में खड़े श्रद्धालुओं को सुरक्षा गार्ड लगातार आगे बढ़ाते नजर आए, ताकि अधिक से अधिक लोग दर्शन का लाभ ले सकें। मंदिर के बाहर भी लंबी कतारें लगी रहीं और कदम-कदम पर तैनात पुलिसकर्मी एवं सुरक्षाकर्मी भीड़ को नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाते दिखे। सुबह से शुरू हुआ भक्तों के आने का सिलसिला लगातार जारी है और भीड़ में लगातार वृद्धि हो रही है।


 
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