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शिक्षिका ने गलत कार्रवाई का लगाया आरोप
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मथुरा। फर्जी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के मामलों में से एक मामले में एक शिक्षिका ने गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
मामला बीएड वर्ष 2004-05 की फेक व टेंपर्ड अंक तालिकाओं से जुड़ा हुआ है। मथुरा में बीएड की फर्जी अंकतालिकाओं के 59 मामले हैं। इनमें से 33 शिक्षकों की अंकतालिका फर्जी पाई गईं, जिसके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। साथ ही 26 अन्य शिक्षकों की अंकतालिका से छेड़छाड़ की गई थी। उनकी जांच डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा कोर्ट के आदेश पर की जा रही है और जांच होने तक उनके खिलाफ कार्रवाई भी रुकी हुई है।
इसी बीच रिचा जैन पुत्री एसके जैन ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई गलत की गई है। रिचा जैन का कहना है कि उनका रोल नंबर 5071006 है, उनका नाम यूनिवर्सिटी व एसआईटी द्वारा भेजी गई टेंपर्ड छात्रों की सूची में है। वहीं रिचा जैन पुत्री प्रमोद कुमार रॉल नंबर 5075042 का नाम फेक वाली सूची में दर्ज है। रिचा का कहना है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश पर फेक अंकपत्र वाली रिचा जैन के स्थान पर टेंपर्ड अंकपत्र वाली रिचा जैन के खिलाफ न केवल एफआईआर करा दी गई बल्कि उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। उधर, बीएसए चंद्रशेखर का कहना है कि सही कार्रवाई की गई है, यदि किसी को आपत्ति है कि वह अपना पक्ष न्यायालय में अपना पक्ष रख सकते हैं।
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मामला बीएड वर्ष 2004-05 की फेक व टेंपर्ड अंक तालिकाओं से जुड़ा हुआ है। मथुरा में बीएड की फर्जी अंकतालिकाओं के 59 मामले हैं। इनमें से 33 शिक्षकों की अंकतालिका फर्जी पाई गईं, जिसके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। साथ ही 26 अन्य शिक्षकों की अंकतालिका से छेड़छाड़ की गई थी। उनकी जांच डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा कोर्ट के आदेश पर की जा रही है और जांच होने तक उनके खिलाफ कार्रवाई भी रुकी हुई है।
इसी बीच रिचा जैन पुत्री एसके जैन ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई गलत की गई है। रिचा जैन का कहना है कि उनका रोल नंबर 5071006 है, उनका नाम यूनिवर्सिटी व एसआईटी द्वारा भेजी गई टेंपर्ड छात्रों की सूची में है। वहीं रिचा जैन पुत्री प्रमोद कुमार रॉल नंबर 5075042 का नाम फेक वाली सूची में दर्ज है। रिचा का कहना है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश पर फेक अंकपत्र वाली रिचा जैन के स्थान पर टेंपर्ड अंकपत्र वाली रिचा जैन के खिलाफ न केवल एफआईआर करा दी गई बल्कि उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। उधर, बीएसए चंद्रशेखर का कहना है कि सही कार्रवाई की गई है, यदि किसी को आपत्ति है कि वह अपना पक्ष न्यायालय में अपना पक्ष रख सकते हैं।
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